नवरात्र के दूसरे दिन मंगलवार को राजधानी समेत प्रदेश भर के मंदिरों में श्रद्घालुओं का तांता लगा रहा। मंदिरों में मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप ब्रहमचारिणी की पूजा हर्षोउल्लास के साथ की गई।
शिमला शहर के मंदिरों में भी सुबह से ही भक्तों की लंबी लाइनें देखने को मिली। कालीबाड़ी मंदिर के पुजारी कमल राय ने इस नवरात्र के बारे में बताया कि ब्रहम का अर्थ तपस्या है।
लोग माता की तपस्या करके अपना जीवन सफल बनाते हैं। मां ब्रहमचारिणी की पूजा और साधना करने से कुंडलिनी जागृत होती है और भक्तों का जीवन सफल हो जाता है।
शहर में जगह-जगह माता के भक्तों ने लोगों को प्रसाद भी बांटा।
ढींगू माता में भी उमड़ी भीड़
ढींगू माता मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की लाइनें देखने को मिली। पुजारी पीतांबर शर्मा ने बताया कि नवरात्रों के चलते मंदिर में सुबह 5 बजे से ही पूजा शुरू हो जाती है।
भराड़ी में बधाई माता मंदिर में रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया। राममंदिर में अयोध्या कांड का महत्व बताया गया।