समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल ने शिक्षा के क्षेत्र में कई सुधार किए। इनमें कम छात्र नामांकन वाले स्कूलों का विलय, शिक्षण स्टाफ का युक्तिकरण, रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाना और सभी विधानसभा क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की स्थापना शामिल है। इसके अलावा, शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के एक्सपोजर दौरों ने वैश्विक शिक्षण दृष्टिकोण और समग्र शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने में योगदान दिया है। राजेश शर्मा ने बताया कि रैंकिंग के बारे में आधिकारिक घोषणा 2 जुलाई को दिल्ली में की जाएगी। इस समारोह में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर समेत विभागीय अधिकारी शामिल होंगे। यह उपलब्धि देश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए एक मॉडल के रूप में हिमाचल प्रदेश की बढ़ती स्थिति को रेखांकित करती है।
शिक्षा के क्षेत्र में लिए अभूतपूर्व फैसलों पर मुहर: रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सीएम सुखविंद्र सिंह के नेतृत्व में सरकार की नीतियों के चलते हिमाचल को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रीय सर्वेक्षण परख में बेहतर नतीजे लाने के लिए सरकार ने प्रदेश में तीन मॉक टेस्ट करवाए। बच्चों में सुधार लाने के लिए स्कूलों में दो विशेष पीरियड लगाए गए। स्कूली बच्चों के सीखने की क्षमता जांचने के लिए प्रदेश के स्कूलों में बड़े स्तर पर तैयारियां करवाई गईं। राष्ट्रीय सर्वे में बढ़ी रैंकिंग ने शिक्षा के क्षेत्र में लिए गए अभूतपूर्व फैसलों पर मुहर लगाई है।