फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनजीटी ने मांगा कसौली के व्यावसायिक भवनों का ब्योरा

Wed, 24 Feb 2016 10:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने हिमाचल प्रदेश सरकार से दो दिनों के भीतर कसौली क्षेत्र के दायरे में आने वाले सभी व्यावसायिक निर्माण और बहुमंजिला भवनों का ब्योरा मांगा है। बेंच का यह निर्देश तब आया है जब कसौली में एक होटल के निर्माण को लेकर एक एनजीओ के जरिये आपत्ति जताई गई थी। याची का दावा है कि होटल निर्माण के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गलत तरीके से अनुमति दी गई है।
विज्ञापन


इसके साथ ही होटल के निर्माण से पर्यावरणीय क्षति भी हो रही है। बेंच ने इस होटल निर्माण व बोर्ड के द्वारा दी गई मंजूरी की जांच के लिए कमेटी भी गठित की है। बेंच ने गठित कमेटी से 4 हफ्तों में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कहा है कि ट्रिब्यूनल का अंतरिम आदेश जारी रहेगा। बेंच इस मामले पर 26 फरवरी को दिशा-निर्देश व अप्रैल को सुनवाई करेगी।

जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने बुधवार को सोसाइटी फॉर प्रीजर्वेशन ऑफ कसौली एंड इट्स एनवॉयरन्स (स्पोक) की याचिका पर सुनवाई के बाद यह निर्देश दिया। बेंच ने कहा कि इस मामले पर जब तक विशेषज्ञों के जरिए तथ्य और रिपोर्ट सामने नहीं आएगी तब तक इस मामले पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। इसलिए कमेटी संबंधित मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करे।
विज्ञापन


कसौली डेवलपमेंट प्लान पर भी मांगी सिफारिशें- एनजीटी के जरिए गठित कमेटी आरोपी होटल के निर्माण मंजूरी की भी परीक्षण करेगी। बेंच ने अपने निर्देश में कहा कि कमेटी यह पता करे कि आखिर बिना तथ्यों की जांच के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कैसे होटल को निर्माण मंजूरी दी है।

वहीं, बेंच ने कसौली डेवलपमेंट प्लान 2021 के लिए अपनी सिफारिशें भी दे सकती है। बेंच ने आवेदक की अपील पर इस मामले में केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण को भी पक्षकार बनाया है। वहीं इस मामले पर प्राधिकरण से भी अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।

कमेटी में ये हैं शामिल- बेंच ने जांच के लिए जो कमेटी गठित की है उसमें हिमाचल प्रदेश के पर्यावरण विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेट्री, केंद्रीय भू जल प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी, हिमालय फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, शिमला के निदेशक द्वारा नामित सदस्य, केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण के वरिष्ठ वैज्ञानिक, चांदगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज के पर्यावरण विभाग के प्रतिनिधि, कंट्री टाउन प्लानिंग के सदस्य शामिल हैं।

केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण से तीन हफ्तों में मांगा जवाब- मालूम हो कि इस मामले पर एनजीटी ने केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण से इस मामले पर तीन हफ्तों में जवाब मांगा है। वहीं अपनी टिप्पणी में कहा है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही कसौली में व्यावसायिक उद्देश्य के लिए बनाए जा रहे भवनों व अन्य निर्माण सरंचनाओं के बारे में निर्देश दिया जाएगा।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें