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राष्ट्रीय शिक्षा नीति: अब तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा में भी फेल होंगे विद्यार्थी

Tue, 06 Jul 2021 02:12 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

तीनों कक्षाओं के विद्यार्थियों की परीक्षाएं लेने के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड या समग्र शिक्षा अभियान का राज्य परियोजना निदेशालय प्रश्नपत्र तैयार करेगा। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच स्कूल और ब्लॉक स्तर पर की जाएगी।
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प्रारंभिक शिक्षा विभाग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में अब तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा में भी विद्यार्थी फेल किए जाएंगे। परीक्षा परिणाम के आधार पर ही इन्हें अगली कक्षा में भेजा जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हुए नए प्रावधान को लागू करने के लिए बुधवार को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। तीनों कक्षाओं के विद्यार्थियों की परीक्षाएं लेने के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड या समग्र शिक्षा अभियान का राज्य परियोजना निदेशालय प्रश्नपत्र तैयार करेगा। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच स्कूल और ब्लॉक स्तर पर की जाएगी। इसी शैक्षणिक सत्र से नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है।

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राज्य सरकार ने वर्ष 2019 में पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम के आधार पर ही अगली कक्षा में भेजने का फैसला लिया था। मार्च 2020 में कोरोना महामारी के चलते सरकार ने पुराने फैसले को रद्द करते हुए इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट कर दिया था। उल्लेखनीय है कि इससे पहले शिक्षा का अधिकार अधिनियम के चलते पहली से आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को फेल नहीं किया जाता था।  

नौ हजार पद भरने की मिल सकती है मंजूरी
शिक्षा विभाग में चार हजार शिक्षकों और पांच हजार मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती के प्रस्ताव को अभी वित्त महकमे से मंजूरी नहीं मिली है। मंगलवार को मंजूरी मिली तो इस प्रस्ताव को भी कैबिनेट बैठक में ले जाया जाएगा।
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15 जुलाई से स्कूल बुलाए जा सकते हैं 10वीं-12वीं के विद्यार्थी
10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को परामर्श के लिए 15 जुलाई से स्कूलों में आने की मंजूरी देने का प्रस्ताव भी कैबिनेट बैठक में भेजा जाएगा। सरकार विद्यार्थियों के लिए पूर्व की तरह अभिभावकों का सहमति पत्र लाने की शर्त रख सकती है। 

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