नरेश चौहान ने कहा कि आपदा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए 1,500 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी, लेकिन यह राशि अभी तक राज्य को प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सांसद रजनी पाटिल ने संसद में इस मुद्दे को उठाया, जबकि हिमाचल प्रदेश के भाजपा सांसदों ने आरडीजी बंद किए जाने और वित्तीय सहायता के मुद्दे को नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है, यह गंभीर प्रश्न है। उन्होंने कहा कि आरडीजी बंद होने के बावजूद राज्य सरकार वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने और विकास कार्यों को जारी रखने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है।