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Shimla: स्ट्रीट वेंडर्स मामले पर आया नरेश चाैहान और विक्रमादित्य सिंह का बयान, जानें किसने क्या कहा

Fri, 27 Sep 2024 01:46 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान का कहना है कि कि अभी तक विधानसभा अध्यक्ष ने उद्योग मंत्री के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई है। 
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नरेंश चाैहान, विक्रमादित्य सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह के स्ट्रीट वेंडर्स  के नाम प्रदर्शित करने संबंधी बयान पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान का कहना है कि कि अभी तक विधानसभा अध्यक्ष ने उद्योग मंत्री के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई है। इस कमेटी में कांग्रेस और भाजपा दोनों के विधायक हैं। कमेटी को रिपोर्ट दाखिल करनी है कि स्ट्रीट वेंडर्स को लेकर हमारी नीति क्या होनी चाहिए। उनकी रिपोर्ट आने के बाद कैबिनेट इस पर विचार करेगी और अन्य हितधारकों से चर्चा के बाद इस पर काम किया जाएगा।

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सरकार ने अभी तक रेस्टोरेंट मालिकों के नाम और पहचान प्रदर्शित करने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है। राज्य सरकार ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। यह बिल्कुल गलत है कि हिमाचल प्रदेश में किसी यूपी मॉडल या योगी मॉडल की जरूरत है।  हो सकता है कि एक मंत्री के तौर पर उन्होंने (विक्रमादित्य सिंह) अपने अधिकारियों से चर्चा की हो। वह भी उस कमेटी का हिस्सा हैं। नरेश चाैहान ने शुक्रवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अपनी स्थितियां हैं। कमेटी के सुझाव, लोगों के फीडबैक के आधार पर सरकार खुले दिल से इसमें फैसला करने वाली है। यह सही है कि हम इसके लिए नीति लाने वाले हैं। दूसरे राज्यों से काम करने के लिए हिमाचल आने वाले लोगों का रिकाॅर्ड रखा जाएगा, हिमाचल में सभी का स्वागत है। 
 

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हिमाचल के लोगों की चिंताओं को दूर करना हमारी जिम्मेदारी: विक्रमादित्य 
उधर, लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने रेस्टोरेंट मालिकों के नाम दिखाने संबंधी अपने बयान पर कहा कि अगर किसी को कोई परेशानी होती तो मुझे पता होता। हमारे हिमाचल प्रभारी राजीव शुक्ला ने भी कल स्पष्ट किया कि मैंने किस संदर्भ में बयान दिया। इसे किसी राज्य से जोड़कर देखने की जरूरत नहीं है। इसे राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। हिमाचल के लोगों की चिंताओं को दूर करना हमारी जिम्मेदारी है। हमने एक समिति बनाई है और इस पर विचार-विमर्श किया जाएगा कि इसे कानून के दायरे में, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुसार कैसे लागू किया जाए।
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