विवि का अतिरिक्त पदभार संभाल रहे कुलपति आचार्य बंसल के रविवार को तीन साल पूरे हुए है। इस दौरान 1294 शोध पत्र प्रकाशित हुए। वहीं 14 पेटेंट हासिल किए। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से एचपीयू में नई शिक्षा नीति लागू होने की बात भी कही। उन्होंने यह भी बताया कि इसी सत्र 2024-25 से यूआईटी के सभी इंजीनियरिंग विषयों से एमटेक और पीएचडी कार्यक्रम शुरू हुए है। 500 से अधिक विद्यार्थियों ने नेट/जेआरएफ की परीक्षा उत्तीर्ण की है। 400 विद्यार्थियों ने पीएचडी की उपाधि हासिल की। कुलपति ने बताया कि प्रदेश सरकार आर विश्वविद्यालय के प्रयासों से विवि को मेरू प्रोजेक्ट के तहत 100 करोड़ की ग्रांट मिली है। इसके अलावा आईआईटी रोपड़ के साथ एएनआरएफ- पेयर कार्यक्रम के तहत 100 करोड़ की ग्रांट के लिए पंजीकृत किया है। इस अवसर पर प्रति-कुलपति आचार्य राजिंद्र वर्मा, अधिष्ठाता अध्ययन बीके शिवराम, कुल सचिव वीरेंद्र शर्मा, प्रो. जेएस धीमान, प्रो. आरएल जिंटा, प्रो. ममता मोक्टा, प्रो. शशिकांत शर्मा मौजूद रहे।
पीएम उषा से मिली 16 करोड़ की ग्रांट
एचपीयू में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। स्ट्रीट लाइटें ठीक होंगी। वहीं सेंट्रल हीटिंग सिस्टम, छात्रों के लिए कॉमन रूम, स्वच्छ पीने का पानी, विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के लिए बसों की सुविधा, टेबल टेनिस, शतरंज इत्यादि के लिए पीएम उषा के तहत 16 करोड़ ग्रांट स्वीकृत हुई है।
नए अकादमिक भवनों के निर्माण कार्य
विवि में फेज तीन के तहत बहुमंजिला भवन का निर्माण अंतिम चरण पर है। अगले शैक्षणिक सत्र से छात्रों एवं प्राध्यापकों को सौंप दिया जाएगा। इसे 9 करोड़ 50 लाख से तैयार किया जाएगा। इसके अलावा नया अकादमिक भवन पुरानी डिस्पेंसरी के स्थान पर बनेगा। यह 8 करोड़ 25 लाख इक्कीस हजार 4 सौ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं माॅडर्न डिजिटल लाइब्रेरी के भवन के लिए 10 करोड़ 16 लाख 20 हजार 2 सौ रुपये स्वीकृत किए हैं। वहीं यूआईएलएस एवालॉज में नये अकादमिक भवन के निर्माण के लिए 3 करोड़ 4 लाख 58 हज़ार 4 सौ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। विवि का दूसरा परिसर घणाहट्टी में बनेगा।