..कभी खिड़की जल रही है तो कभी बिस्तर आग पकड़ रहा है। यहां तक कि अलमारी में बंद करके रखे कपड़ों में भी आग की लपटें अचानक ही उठ रही हैं। सुनने में यह अटपटा जरूर लग रहा है, लेकिन है सौ फीसदी सच।
यह महज एक दिन की घटना नहीं, बल्कि सात दिन से यह सिलसिला चल रहा है। मामला हिमाचल के जिला बिलासपुर के घुमारवीं उपमंडल के तहत आने वाले बाड़ी गांव का है। शेर सिंह नामक एक ग्रामीण के घर में सात दिन से आग की लपटें उठ रही हैं।
आज खुद तहसलीदार मौके पर पहुंचे लेकिन आग का कारण वह भी नहीं ढूंढ पाए।
सात दिन से सुलग रहा है घर
उपमंडल घुमारवीं के बाड़ी गांव में शेर सिंह के घर में रहस्यमयी आग का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। आग से ग्रामीण सहमे हुए हैं। बीते बुधवार सुबह से यहां पहली बार आग लगी थी।
फिर रविवार को दोपहर 12:20 बजे अचानक घर के एक कोने में आग लग गई। उसके बाद करीब 3:30 बजे सोमवार को एक बार फिर घर की ऊपरी मंजिल में रखे पलंग पर आग लग गई।
दहशत के मारे घर में पिछले सात दिनों से चूल्हा तक नहीं जला। शेर सिंह का परिवार लोगों के घरों में खाना खा रहा है। 11 सदस्यों वाले परिवार ने पिछले सात दिनों से घर में खाना तक नहीं बना।
पंडित, तांत्रिक भी फेल
शेर सिंह ने बताया कि वह पंडित, ज्योतिषियों व तांत्रिकों की शरण में भी गए, लेकिन घर में उठ रही लपटों को कोई रोक नहीं पा रहा है। सहमे ग्रामीण अब आग बुझाने से भी कतराने लगे हैं।
पडयालग प्रधान जागीर सिंह, भाजपा नेता विक्रम शर्मा, पूर्व प्रधान लेख राम सहित अन्य नेता भी शेर सिंह को सांत्वना देने उसके घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आग की वजह का पता नहीं लग पा रहा है।
बिजली का शॉट सर्किट होने की आशंका के चलते दो दिन पहले बिजली की सप्लाई काट दी गई, लेकिन तब भी बात नहीं बनी। बुधवार को घटना के पहले दिन पुलिस की टीम भी मौके पर गई थी, लेकिन आग के कारणों का पता नहीं चल सका।
प्रशासन ने की वीडियोग्राफी
बिलासपुर के बाड़ी गांव के इस घर में आग लगने का यह सिलसिला सात दिन से चल रहा था। हैरत यह है कि शेर सिंह 32 वर्ष तक राजस्व विभाग में बतौर कानूनगो कार्य करते रहे, लेकिन उनकी मदद के लिए सरकारी महकमा आज सक्रिय हुआ।
सोमवार को नायब तहसीलदार ज्ञान सिंह की अगुवाई में राजस्व विभाग की टीम ने इलाके का दौरा किया। ज्ञान सिंह ने बताया कि टीम ने पूरे मकान की वीडियोग्राफी की है। आग की लपटें उठने का पता नहीं चल पा रहा है। इसकी जानकारी आलाधिकारियों को भी दी गई है, जबकि नुकसान का आकलन किया जा रहा है।