विलुप्त प्रजाति का कस्तूरी बिलाव
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हिमाचल के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में विलुप्त प्रजाति के कस्तूरी बिलाव (मस्क सीवेट) का बच्चा मिला है। चंबा जिला में इससे पहले यह प्रजाति कभी नहीं देखी गई। खड़ामुख के पास घायल अवस्था में मिले कस्तूरी बिलाव के बच्चे को गाड़ी चालक ने वन विभाग को सौंपा है। इसका उपचार किया जा रहा है और बाद में इसे जंगल में छोड़ा जाएगा।
वन्य प्राणी विभाग अब इस कस्तूरी बिलाव के संरक्षण को लेकर विशेष योजना बना रहा है ताकि जंगलों में इस प्रजाति के वन्य जीवों का एक आंकड़ा जुटाया जा सके। इसे लेकर विभागीय टीम जंगलों में ट्रैप कैमरे भी लगा सकती है। पिछले साल चंबा में कई विलुप्त प्रजाति के वन्य जीव देखने को मिले हैं। इनमें बर्फानी तेंदुए से लेकर कस्तूरी मृग सहित भूरे भालू शामिल हैं। चंबा जिला रियासत काल में वन्य जीवों को लेकर काफी धनवान था।
लेकिन जंगलों में अवैध शिकार से कई जानवर विलुप्त हो गए। इसके बाद वन्य प्राणी विभाग ने शिकारियों से जंगली जानवरों को बचाने के लिए शिकंजा कसना शुरू किया। साथ ही विलुप्त प्रजाति के जानवरों के चंबा में प्रमाण ढूंढने के लिए सर्च अभियान चलाए। ट्रैप कैमरों की भी मदद ली गई। इन्हीं ट्रैप कैमरों के जरिये पांगी व भरमौर के जंगलों में बर्फानी तेंदुआ, भूरा भालू व कस्तूरी मृग देखे गए। डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि खड़ामुख में घायल अवस्था में कस्तूरी बिलाव का बच्चा मिला है। यह विलुप्त प्रजाति का बताया जा रहा है। इसको लेकर पूरी जांच की जा रही है।