राजधानी शिमला में हर साल फैलने वाले पीलिया के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से राय लेगा। जल जनित रोगों की स्थायी रोकथाम के लिए नगर निगम ने अधिवेशन आयोजित करने का फैसला भी लिया है। चार मार्च को शिमला में अधिवेशन होगा।
नगर निगम महापौर संजय चौहान और उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने बताया कि केंद्रीय जल आयोग के पूर्व अध्यक्ष एससी धीमान अधिवेशन की अध्यक्षता करेंगे। इसके अलावा प्रोफेसर डा. दिनेश अबरोल और प्रोफेसर डा. रोमी खोसला सहित देश तथा विदेश के जाने माने जानकारों को अधिवेशन में आमंत्रित किया जाएगा।
राजधानी को पानी की सप्लाई करने वाली अश्वनी खड्ड परियोजना के अलावा गिरि और गुम्मा परियोजना की संभावित अशुद्धियों को लेकर भी अधिवेशन के दौरान विचार विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट कहां और कैसे स्थापित किए जाएं इसे लेकर भी विशेषज्ञों से राय ली जाएगी।
नगर निगम महापौर संजय चौहान और उप महापौर टिकेंद्र पंवर ने बताया कि पेयजल योजनाओं के गलत प्रबंधन के कारण 2007 से लेकर निरंतर राजधानी शिमला में पीलिया फैल रहा है। हर बार पीलिया थमने के बाद इस समस्या को भुला दिया जाता है और एक साल बाद समस्या फिर खड़ी हो उठती है।
इस बार समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने विशेषज्ञों से राय लेने का निर्णय लिया है। नगर निगम की ओर से आयोजित होने वाले इस अधिवेशन में प्रदेश सरकार के सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण परिषद, पर्यावरण विभाग, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, स्वास्थ्य विभाग, भारतीय विषाणु विज्ञान अनुसंधान संस्थान पुणे और शिमला तथा प्रदेश स्तर के जन संगठनों को आमंत्रित किया जाएगा।