सभा के बीच जब 48 लोगों की पुरानी बीपीएल सूची खंगाली तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। वार्ड की बीपीएल सूची में बंगाला कालोनी के चार लोग ऐसे निकले जिनकी सालों पहले मौत हो चुकी थी। इनका नाम अब सूची से हटा दिया है।
राजधानी शिमला में गरीब परिवारों के बीपीएल कार्ड बनाने के लिए आखिरकार पार्षदों की नींद टूटने लगी है। शहर के इंजनघर वार्ड में बुधवार को बीपीएल कार्ड बनाने के लिए पार्षद आरती चौहान की अगुवाई में वार्ड सभा बुलाई गई। बैठक शुरू होने से पहले ही मौके पर लोगों का हजूम उमड़ आया।
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सभा के बीच जब 48 लोगों की पुरानी बीपीएल सूची खंगाली तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। वार्ड की बीपीएल सूची में बंगाला कालोनी के चार लोग ऐसे निकले जिनकी सालों पहले मौत हो चुकी थी। इनका नाम अब सूची से हटा दिया है। वहीं 12 परिवार शिमला छोड़कर जा चुके हैं। बैठक में पहुंचे लोगों ने बीपीएल कार्ड बनाने के लिए वार्ड सभा बुलाने में देरी पर सवाल उठाए। कहा कि जिंदा गरीब लोगों को सस्ता सरकारी राशन नहीं मिल रहा वहीं मर चुके लोग बीपीएल सूची में शामिल हैं।
यदि यह पहले सूची से बाहर होते तो कई गरीब परिवारों को फायदा होता। स्थानीय पार्षद आरती चौहान ने मौके पर आए सभी लोगों के आवेदन लिए। इसमें 167 लोगों ने बीपीएल कार्ड बनाने के लिए आवेदन किया है। इनमें कुछेक ने मौके पर ही सभी जरूरी दस्तावेज भी जमा करवाए हैं। कई लोगों ने जल्द दस्तावेज देने को कहा है। इनके अलावा 32 परिवार ऐसे हैं जिन्होंने पुराने कार्ड रिन्यू करने के लिए आवेदन किया है।
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नगर निगम को भेजेंगे आवेदन: पार्षद
पार्षद आरती चौहान ने कहा कि यह सभी आवेदन अब नगर निगम को भेजे जाएंगे। निगम ने उनके वार्ड के लिए जो बीपीएल परिवारों की संख्या तय की है, वह कम है। हकीकत में इससे कई गुना ज्यादा आवेदन आ गए हैं। ऐसे में वार्ड के लिए बीपीएल परिवारों का कोटा बढ़ाने के लिए आवाज उठाई जाएगी। दूसरे वार्ड जहां गरीब नहीं है, उनका कोटा इंजनघर के लिए शिफ्ट किया जा सकता है।