उन्होंने कहा कि हमने चीन के आतंकवादी कानून की भी निंदा की है। यूरोपीय संसद में सांसद एवं तिब्बत हित समूह के सदस्य कसाबा सोगोर ने कहा कि हम चीन को मनाने की कोशिश करेंगे कि यदि वह विश्व शक्ति बनना चाहता है, तो उसे इस तरह का व्यवहार भी करना होगा।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि तिब्बत मुद्दा भी प्रबल होगा। ऐसे में चीन भविष्य में तिब्बती राष्ट्रपति देख सकता है। सांसद रैमन ट्रेमोसा ने तिब्बती लोगों को अप्रत्याशित परिवर्तनों के लिए तैयार रहने की सलाह दी।
निर्वासित तिब्ब्त सरकार के प्रधानमंत्री डा. लोबसंग सांग्ये ने तिब्बत मुद्दे के प्रति निरंतर समर्थन के लिए यूरोपीय संसद और यूरोपीय संघ के प्रति कृतज्ञता जताई। उन्होंने यूरोपीय संसद से आगे भी तिब्बत मुद्दे पर सहयोग मांगा।
प्रतिनिधिमंडल से तिब्बत मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए आधिकारिक तौर पर निर्वासित तिब्बत सरकार की मध्य मार्ग नीति और दलाईलामा तथा चीन के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का समर्थन करने का आग्रह किया।