उन्होंने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त परिचालकों के लिए प्रदेश सरकार निकट भविष्य में सार्थक नीति बनाएगी। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण अपना प्रशिक्षण पूरा न कर पाने वाले प्रशिक्षुओं को अपना प्रशिक्षण पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
हिमाचल में 2200 के करीब युवाओं ने कौशल विकास निगम के तहत एचआरटीसी से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसमें 700 के करीब कंडक्टर बसों में सेवाएं दे रहे थे।
प्रशिक्षुओं के प्रतिनिधि प्रदीप, रणजीत व लेख राज ने परिवहन मंत्री का आभार व्यक्त किया तथा आश्वस्त किया कि प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रशिक्षु निगम के हित में ईमानदारी से कड़ी मेहनत करेंगे।