ये नेता अपने प्रभाव से फैसला नहीं होने देते। लिहाजा, सर्वोच्च न्यायालय की फटकार पर भारत सरकार ने 12 विशेष अदालतें स्थापित की हैं, जिनमें इन मुकदमों का जल्दी निर्णय किया जा सके।
कई जगह विपक्ष के नेता बड़े-बडे़ कार्यक्रमों में पकौड़े बेचकर राजनीति का मजाक उड़ा रहे हैं। तर्क और विचार को एक तरफ रख कर केवल हल्की राजनीति देश में हो रही है। नीरव मोदी जैसे ओर भी कई लुटेरे ऐसे हैं, जिन्होंने बैंकों को लूटा है। अभी तक पकड़े नहीं गए।
शांता कुमार ने कहा कि इस लूट से एक प्रश्न उठता है कि कहीं न कहीं नेताओं के सहयोग के बिना इतनी बड़ी लूट संभव नहीं। कुछ साल पहले लूट का पता लग गया। समय पर कार्रवाई नहीं हुई और वे लुटेरे सरकार की आंखों में धूल झोंक कर बड़े आराम से अपने पूरे परिवार को लेकर विदेश चले गए। भारत में उनकी मदद करने वाले हैं।