इन स्कीमों का 5 सौ करोड़ बिजली बिल है। जब ठेकेदारों से योजनाओं का करार हुआ था, उस समय 26 प्रशिक्षित व्यक्तियों की तैनाती करने की बात कही थी, लेकिन 12 से 15 लोगों का अप्रशिक्षित स्टाफ तैनात किया गया।
महेंद्र सिंह ने कहा कि मामले पर गहनता से विचार किया गया है। योजनाएं अगर विभाग चलाता है तो पहले की अपेक्षा कम खर्च आएगा। मुख्यमंत्री से भी स्टाफ भरने की अपील की।
विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि ठेकेदारों से पानी की स्थिति पूछने को फोन किया जाता है तो उठाते ही नहीं हैं। रात को 11 बजे ठेकेदारों को चुस्ती आती है। वापस फोन कर जवाब मिलता है तो वह इस बारे में विभाग से बात करें।
मामले में सदन में चर्चा हो रही थी, उसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि यह मामला गंभीर है। पानी की दशा को ठीक करना जरूरी है। इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में 4924 पंप हाउस हैं। इनमें 674 पंप ऑपरेटर, 645 फिटर, 208 पीएलएम और 160 चौकीदारों की कमी है। इनमें कुछ पदों को भरा जा रहा है।
हिमाचल सरकार ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान स्पष्ट किया कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के दो कैंपस होंगे। एक देहरा में और दूसरा धर्मशाला में। देहरा में सीयू के नाम पर जमीन ट्रांसफर हो गई, जबकि धर्मशाला में अभी प्रक्रिया बाकी है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इसी साल विवि कैंपस का शिलान्यास करेंगे। हिमाचल में केंद्रीय विश्वविद्यालय भवन निर्माण में हो रही देरी और कैंपस को लेकर असमंजस की स्थिति पर सीपीएम विधायक राकेश सिंघा के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि दोनों जगह कैंपस बनाने के लिए
जमीन तय हो गई है। हिमाचल में सेंट्रल यूनिवर्सिटी पर काफी समय से राजनीति हो रही है। विवि का कैंपस कहां बनाना है, इसको लेकर अभी तक असमंजस की स्थिति की। सदन में शिक्षा मंत्री ने सदन में स्थिति स्पष्ट की।
इसी मसले में देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने अनुपूरक सवाल किया कि कुल कैंपस का कितना प्रतिशत दोनों क्षेत्रों में बंटेगा? शिक्षा मंत्री ने इसपर कहा कि अभी यह तय नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में स्वीकृत विवि पर कार्य पूरा होकर संचालन हो रहा है, लेकिन भूमि आवंटन सहित अन्य विषयों पर पिछली सरकार में हुई देरी से मामला लटका रहा। हिमाचल में भी इसी साल से कैंपस बनाने का काम शुरू होगा।
उधर, सीएम ने सदन के बाहर कहा कि अगर पूर्व सरकार ने समय पर निर्णय लिया होता तो आज विवि कैंपस बनकर तैयार हो जाता। भवन निर्माण को सरकार प्राथमिकता से पूरा करेगी।
विधानसभा में 9 मार्च को पेश हुए बजट पर सोमवार से चर्चा शुरू हुई। चर्चा के पहले दिन प्रदेश सरकार के पहले भाजपा विधायक राकेश पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा पेश किए गए बजट को देखने के बाद कहा जा सकता है कि अब हिमाचल के अच्छे दिन आएंगे।
कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री के उठाए सवालों पर भी पठानिया ने जमकर पलटवार किया। कहा कि पिछली सरकार ने माफिया राज को न सिर्फ संरक्षण दिया बल्कि उसे बढ़ाया और पैदा भी किया।
एक तरफ वन माफिया और नशे के माफिया के बाद पिछली सरकार ने शराब माफिया भी पैदा कर दिया। कानून व्यवस्था के मामले पर कहा कि कोटला में एक हत्याकांड पर पूरी सरकार को घेरने वाली कांग्रेस पार्टी को नहीं पता कि अपराध होने के बाद आरोपी पकड़ गए लेकिन पिछली सरकार के राज में
हुए गुड़िया हत्याकांड में तो पुलिस वाले ही जेल चले गए। कहा कि बजट में उन्होंने हर क्षेत्र में दिशा दिखाने का प्रयास किया है। इसके बाद चर्चा में कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि बजट में ऐसा कुछ भी नहीं है जिसका समर्थन किया जाए।
कहा कि युवाओं को रोजगार देने का वायदा किया गया लेकिन दुकानें खोलने की बात कही जा रही है। मोदी सरकार के भी किसी वायदे को पूरा नहीं किया और प्रदेश सरकार ने भी अपने वायदों को बजट में जगह ही नहीं दी।
वहीं, विधायक रमेश धवाला ने कहा कि सरकार के सकारात्मक प्रयासों की सराहना करने में विपक्ष को गुरेज क्यों है। विधायक सतपाल रायजादा ने चुटकी लेते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में शिलापटों में विधायक के बजाय प्रत्याशी के नाम लिखने की नई प्रथा शुरू हुई है।
कहा कि नई सरकार अगर आम आदमी के छोटे छोटे कामों को तय समय में पूरा करा सकती है तो ही वह अच्छी सरकार कहलाएगी। विधायक कर्नल इंदर सिंह ने बजट के पक्ष में बोलते हुए पिछली सरकार पर जमकर हमला किया।
कहा कि पिछली सरकार ने लोन ले लेकर प्रदेश का बुरा हाल कर दिया। वहीं, शिक्षा की गुणवत्ता खराब होने पर भी वीरभद्र सरकार को जमकर घेरा। कहा कि पिछली सरकार ने वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया। वहीं, वर्तमान सरकार पहले दिन से दोनों ही चीजों को रोकने के लिए कटिबद्घ है।