प्रश्न : कोलकाता में महागठबंधन रैली के लिए क्या आपको भी मिला था न्योता?
उत्तर : महागठबंधन रैली में शत्रुघ्न सिन्हा, यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी तीनों नेताओं के जाने से दुखी हूं। ये नेता हमसे अलग नहीं होने चाहिएं। शत्रु तो मेरे व्यक्तिगत मित्र हैं। पिछले दिनों जब मैं शत्रु से मिला था तो मैंने उनसे कहा था कि आप अगर पार्टी के साथ रहते तो आपको भी फायदा होता और हमें भी। जब मोदी सरकार बनी तो इनमें से कुछ को लगता था कि हम बड़े योग्य हैं। इस योग्यता के आधार पर हमारा लाभ उठाया जाना चाहिए। हालांकि, पार्टी को इससे बहुत फर्क नहीं पड़ता है। रैली के लिए मुझे न्योता आने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता।
प्रश्न : आरोप है बतौर सांसद आपने सीमेंट उद्योग, ब्रॉडगेज रेल लाइन और केंद्रीय विवि के वादे नहीं निभाए, क्या कहेंगे?
उत्तर : मैंने अधिकतर वादे निभाने के अथक प्रयास किए। फोरलेन, केंद्रीय विवि का काम शुरू हो रहा है। चंबा में सीमेंट प्लांट के लिए बिड कर दी, लेकिन वाइबिलिटी के चलते कंपनियां आगे नहीं आ रहीं। हम प्रयास कर रहे हैं।
प्रश्न : सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का फैसला चुनावी स्टंट तो नहीं?
उत्तर : मैंने तो 1978 में ही आरक्षण तय कर दिया था। अंत्योदय योजना में 67 फीसदी एससी-एसटी और बाकी सवर्ण जाति के लिए थे। सवर्ण जाति के लिए 10 फीसदी आरक्षण के फैसले का लाभ चुनाव में पार्टी को जरूर होगा। अगर निर्णय पहले किया होता तो मध्य प्रदेश समेत तीन राज्य हम नहीं हारते।
प्रश्न : हिंदुत्व और गाय पर राजनीति सही है?
उत्तर : गाय और धर्म के नाम पर हिंसा पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। लेकिन गाय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
प्रश्न : चुनाव नजदीक आते ही राम मंदिर को राजनीतिक हथियार क्यों बनाती है भाजपा?
उत्तर : भाजपा के लिए राम मंदिर चुनाव नहीं आस्था का विषय है। इसमें राजनीति का प्रश्न नहीं है। पीएम ने इस पर अपनी बात स्पष्ट कर दी है। यह दुर्भाग्य का विषय है कि आज तक अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं हो सका।
शांता ने कहा कि मुझे जो बात ठीक लगती है वह मैं कहता हूं। मैंने तो पीएम को भी पत्र लिखकर कहा है कि सबका साथ सबका विकास बहुत बढ़िया है, लेकिन यह अधूरा है। गरीब का विकास सबसे पहले और सबसे ज्यादा होना चाहिए। पीएम को कहा था विकास तो बहुत हुआ लेकिन ग्लोबल हंगर इंडेक्स के मुताबिक आज भी देश के 20 करोड़ लोग भूखे सो रहे हैं।
20 करोड़ गरीबों के लिए अंत्योदय मंत्रालय खुलें
मैंने प्रधानमंत्री को 20 करोड़ गरीब लोगों के लिए अंत्योदय मंत्रालय खोलने का सुझाव दिया है। पीएम इस पर विचार कर रहे हैं। इसका लक्ष्य 20 करोड़ लोगों को भुखमरी के दायरे से बाहर लाना होगा। जनसंख्या घटाने को लेकर भी मैंने पीएम से नीति बनाने की मांग की है।