धर्मशाला नगर निगम चुनावों को लेकर पत्रकार वार्ता करते सांसद शांता कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
नवगठित नगर निगम धर्मशाला का पहला चुनाव सियासी रूप से राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनता जा रहा है। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भाजपा मार्गदर्शक मंडल के सदस्य एवं सांसद शांता कुमार सरीखे बड़े नेता भी नगर निगम चुनाव में उतर गए हैं। नगर निगम में भाजपा की जीत पुख्ता करने के लिए सोमवार को शांता कुमार ने शहर के वार्डों में नुक्कड़ सभाएं कर पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे।
सकोह में उन्होंने वार्ड 8 और 9 में नुक्कड़ सभाएं की। यहां भाजपा समर्थित प्रत्याशी भी मौजूद थे। इसके बाद उन्होंने बड़ोल में नुक्कड़ सभा कर पार्टी समर्थित प्रत्याशियों को जिताने की अपील की। इसके बाद पत्रकार वार्ता में शांता ने दावा किया कि नगर निगम चुनाव भाजपा ही जीतेगी। उन्होंने कहा कि अगर मतदाता भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को वोट देते हैं तो स्मार्ट सिटी और केंद्रीय विश्वविद्यालय के मुद्दे पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए नगर निगम चुनाव अति महत्वपूर्ण है। धर्मशाला राष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शहर है। धर्मगुरु और निर्वासित तिब्बत सरकार के कारण यहां की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि है। क्रिकेट स्टेडियम ने भी धर्मशाला की साख बढ़ाई है। इसलिए, केंद्र सरकार ने धर्मशाला को स्मार्ट सिटी का तोहफा दिया है। बजट में पालमपुर से धर्मशाला को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए सर्वे पर बजट मिला है।
केंद्रीय विवि का निर्णय जल्द होने वाला है। शर्म की बात है कि 7 साल से केंद्रीय विवि का मुद्दा लटका पड़ा है। इस मामले पर उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और सीएम वीरभद्र सिंह से बात की है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार धर्मशाला के पास जल्द जमीन चिह्नित करती है तो सीयू पर भारत सरकार 7 दिन के भीतर निर्णय लेगी।
शशि ने किया भगत सिंह का अपमान, माफी मांगें- भाजपा के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य शांता कुमार ने कहा कि जेएनयू में कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने शर्मनाक वक्तव्य दिया है। देश विरोधी नारों का समर्थन करने वाले कन्हैया लाल को
शहीद-ए-आजम भगत सिंह की संज्ञा देना शहादत का अपमान करने जैसा है। इसके लिए शशि थरूर को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। शशि थरूर बुद्धिजीवी हैं, उनके मुंह से ऐसी बातें निकलने की उम्मीद नहीं थी। वोट बैंक की राजनीति के चलते कांग्रेस ने अपना स्तर बेहद नीचा गिरा लिया है।