हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर की लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक पद पर तैनाती से हिमाचल के सियासी समीकरण बदल जाएंगे। सियासी हार के बादर से प्रदेश सरकार के अंदर तवज्जो न मिलने से असंतुष्ट पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के खेमे को जहां एक ओर इससे मजबूती मिलेगी, वहीं पार्टी को भी भविष्य के चेहरे और निगमों-बोर्डों में तैनाती के दौरान मांगी जाने वाली संभावित हिस्सेदारी में भी मोलभाव करने का दम मिलेगा।
केंद्र की मोदी-शाह की सियासी जोड़ी के इस नए दांव के बाद अब देखना यह होगा कि हिमाचल के सियासी समीकरण कितना बदलते हैं। दरअसल, विधानसभा के चुनावी नतीजों के बाद से माना जाने लगा था कि धूमल परिवार के दिन लद गए हैं। लेकिन पार्टी के भीतर से हमीरपुर में कोई नेता न उभर सके, इसके लिए धूमल ने मंत्रियों के चयन के समय एड़ी चोटी का जोर लगा दिया।