हिमाचल में अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं मानवीय भूल के कारण हो रही हैं। अभियांत्रिकी के माध्यम से सड़कों के निर्माण में सुधार लाकर सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। शराब का सेवन कर गाड़ी चलाना, ओवर लोडिंग और ट्रैफि क नियमों के अनुपालन किए जाने से हादसों को न्योता दिया जा रहा है। मुख्य सचिव अनिल खाची ने हिप्पा में परिवहन विभाग की राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा कार्यशाला में दी। इस अवसर पर नेहरू युवा केंद्र संगठन, राष्ट्रीय स्वयं सेवकों ने भाग लिया। अनिल खाची ने कार्यशाला में प्रतिभागियों से आग्रह किया कि सड़क सुरक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश लेकर समाज में जाएं।
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग की ओर से लगाई गई सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा विषय पर चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रधान सचिव परिवहन केके पंत ने मुख्य सचिव का स्वागत किया। परिवहन विभाग के निदेशक अनुपम कश्यप ने कहा कि 18 जनवरी से 17 फ रवरी 2021 तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान प्रदेश में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों में लोगों को सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रदान की गई। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक शिमला मोहित चावला और नेहरू युवा केंद्र के राज्य निदेशक सैमसन मसीह ने भी विचार रखे। विभाग के अतिरिक्त आयुक्त घनश्याम इस दौरान मौजूद रहे।
अफसरों को विकास कार्यों में कोताही न बरतने के निर्देश
प्रदेश में सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर बुधवार को लोक निर्माण विभाग मुख्यालय में कार्यशाला करवाई गई। दो दिन तक चलने वाली इस कार्यशाला में सहायक अभियंता, अधिशाषी अभियंता और अधीक्षण अभियंता को बुलाया गया। फॉरेस्ट क्लीयरेंस के चलते हिमाचल के कई प्रोजेक्ट लटके हुए थे। अब इनकी मंजूरी मिली है। सड़कों और पुलों से संबंधित करोड़ों के प्रोजेक्ट को गति देने के लिए इस पर चर्चा की गई। बैठक में इंजीनियर इन चीफ ने अधिकारियों को विकास कार्यों में किसी भी तरह की कोताही न बरतने के निर्देश दिए। सड़क और अन्य भवन निर्माण कार्यों के दौरान अफसरों को मौके पर मौजूद रहना होगा।