फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंदर ने छत से बरसाए 10 हजार रुपए

विज्ञापन
विज्ञापन
शिमला के बालूगंज के पास कामना देवी इलाके में एक मकान से बंदर सौ-सौ की दस हजार रुपये की गड्डी उठा ले गया। यह वाक्या रविवार दोपहर साढ़े बारह बजे हुआ। बंदर पैसे लेकर पड़ोस के मकान की छत पर चढ़ गया।
विज्ञापन


वहां से नोटों की बरसात करने लगा। कुछ नोट वहां बरसा कर बंदर पेड़ पर चढ़ गया। वहां से भी कुछ नोट फेंककर बाकी पैसा लेकर जंगल की तरफ भाग गया। मौके पर काफी लोग एकत्रित हो गए और जमीन पर गिरे रुपये को एकत्रित करने लगे।

लोग यहीं नहीं रुके। ये भी बंदर के पीछे दौड़ने लगे। आगे-आगे बंदर और पीछे-पीछे लोग। इससे यहां काफी भीड़ भी जुट गई। जिसने भी बंदर को देखा वह उसके पीछे हो लिया।
विज्ञापन

ठेकेदार ने रखे थे पैसे

कामना देवी में पीसी शर्मा के मकान में मजदूर काम कर रहे हैं। ठेकेदार विनोद रविवार को मजदूरों को पेमेंट करने के लिए दस हजार लाया था। यह पैसा उसने एक पैकेट में कमरे के एक कोने में रख दिया। यहां मजदूर काम कर रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बंदर को लगा कि इसमें कुछ खाने का सामान है। वह खुली खिड़की से भीतर आया और पैकेट लेकर चंपत हो गया। ठेकेदार के होश उड़ गए। बंदर पैकेट लेकर पड़ोस की एक ऊंची छत पर चढ़ गया।

यहां जब उसने पैकेट फाड़ा उसमें से नोटों की गड्डी बाहर आ गई। इसके बाद बंदर उसमें से एक एक करके नोट छत से नीचे फेंकने लगा। मजदूर बंदर के पीछे भागे लेकिन बंदर उनकी पकड़ में नहीं आया।
विज्ञापन

दो घंटे तक बरसे नोट

यह नजारा करीब दो घंटे तक चलता रहा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले लोअर बाजार में भी बंदर किसी के घर से रुपयों से भरा एक छोटा बैग ले आया था। छत पर चढ़कर इसमें रखे करीब एक लाख रुपयों की बारिश कर दी थी।

उस समय भी शहर में हुजूम उमड़ आया था। हालांकि ये नोट किसके थे, इसका पता नहीं चल पाया। पुलिस का कहना था कि बंद करीब एक लाख रुपए के जो नोट बरसा गया, उस बारे में किसी ने शिकायत नहीं की थी।

बहरहाल शिमला में पहले ही बंदरों का आतंक है। लेकिन इस तरह की घटनाओं से लोग और परेशान हो रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें