पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और टीसीपी विभाग के प्रभावशाली कदम न उठाने के बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने प्रदेश में एक निगरानी कमेटी बनाने के आदेश दिए हैं। इस कमेटी की अध्यक्षता हिमाचल हाईकोर्ट के पूर्व जज सुरजीत सिंह करेंगे। उन्हें ढाई लाख रुपये प्रति महीने का पारितोषिक मिलेगा।
इसके अलावा अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिए अन्य जरूरी सुविधाएं भी दी जाएंगी। समिति में सुरजीत में सिंह के अलावा दो सदस्य होंगे। इनमें एक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दूसरा राज्य नगर नियोजन विभाग का नामित सदस्य होगा। यह कमेटी प्रदेश में पर्यावरण की सुरक्षा के मुद्दों की सुनवाई करेगी।
इस दौरान वह कैंट बोर्ड और नगर नियोजन विभाग को भी पर्यावरण संबंधी मुआवजा रिकवरी के लिए और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कंसेंट टू ऑपरेट व कंसेंट टू स्टैबलिश के लिए सलाह या अपने सुझाव दे सकती है।
यही नहीं, समिति डेवलपमेंट प्लान के लिए भी किसी तरह के सुझाव दे सकेगी। खास बात यह है कि ट्रिब्यूनल ने कसौली क्षेत्र में बने उन होटलों की बात सुनने के लिए भी इस समिति को अधिकृत कर दिया है।