उन्होंने कहा कि अगर करमापा को सिक्किम दौरे की अनुमति मिली है तो इसका लाभ उत्तर पूर्वी राज्यों के असंख्य अनुयायियों को होगा। करमापा धर्मशाला के पास सिद्धबाड़ी स्थित ग्यूतो तांत्रिक मठ में रहते हैं। इन दिनों करमापा हिमाचल से बाहर हैं। बताया जा रहा है कि सिक्किम के मुख्यमंत्री ने भी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर प्रतिबंध हटाने की मांग की थी।
वर्ष 1985 में जन्मे आध्यात्मिक गुरु करमापा वर्ष 2000 में तिब्बत से भारत आए थे। चीन सरकार के कथित दबाव के चलते भारत सरकार ने करमापा को तुरंत कड़ी निगरानी में रखकर उनकी यात्रा को लेकर कई प्रतिबंध लगा दिए थे। वर्ष 1981 में 16वें करमापा रैंगजुंग रिग्पे दोरजे की मृत्यु के बाद उन्हें 17वां करमापा चुना गया था, जो विवादों में रहा।