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गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड: CBI को इस लापता शख्स की तलाश

Sat, 31 Mar 2018 12:37 PM IST
पंकज गांगटा, अमर उजाला, कोटखाई (शिमला)
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सीबीआई टीम के एसपी एसएस गुरुम, डीएसपी सीमा पाहूजा, एएसपी आरके सेठी
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बहुचर्चित गुड़िया दुराचार और हत्या के मामले में सीबीआई को मंडी जिले के एक युवक की तलाश है। यह युवक क्षेत्र में लकड़ी की चिरान का काम करता था। युवक की सीबीआई को इसलिए तलाश है क्योंकि वह गुडि़या हत्याकांड के बाद से ही गायब है।

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सीबीआई युवक के घर पर भी दबिश दे चुकी है लेकिन उसका सुराग नहीं लगा है। युवक का पता लगाने के लिए सीबीआई ने मुंबई से एक नेपाल मूल की महिला को भी महासू बुलाया था। यह महिला गुडि़या के गृह क्षेत्र में ढारा चलाती थी।

महिला ने सीबीआई को पूछताछ में बताया कि उक्त युवक उसके ढारे में अकसर आता था। वह शराब पीकर उससे छेड़छाड़ कर चुका है। सीबीआई कोटखाई में रहने वाले मंडी के ही एक अन्य मजदूर से भी पूछताछ कर चुकी है। 
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जानकारी के मुताबिक गुडि़या मामले के बाद नेपाली महिला कई दिन तक यहां रहने के बाद मुंबई में बेटे के पास चली गई थी। सीबीआई टीम इलाके के कई लोगों से भी पूछताछ कर चुकी है। सौ से अधिक लोगों के खून के सैंपल जांच को भेजे गए हैं। सीबीआई के दर्जनों अधिकारी महासू के जंगल में छानबीन कर चुके हैं।

जोड़ी जा रहीं मामले की कड़ियां

बहुचर्चित गुड़िया से दुराचार और हत्या मामले में सीबीआई टीम एक बार फिर हलाइला के जंगल में डेरा जमाएगी। सीबीआई के अधिकारी अगले दस दिन तक यहीं रहेंगे। टीम ने रेस्ट हाउस बुक करने के लिए कहा है। इसी बीच, सीबीआई टीम आरोपियों को हिरासत में ले सकती है। सूत्रों की मानें तो सीबीआई गुड़िया के कातिलों के करीब पहुंच गई है।

जांच तकरीबन पूरी हो गई है। अब सीबीआई के अधिकारी शिमला के पीटरहॉफ स्थित अस्थायी कार्यालय में मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटे हैं। सूत्र बताते हैं कि टीम ने बलग, साधुपुल और राजगढ़ की ओर जाने वाली सड़क के मोबाइल टॉवर की लोकेशन को भी आधार बनाया है। अगर ऐसा है तो क्या गुड़िया के साथ दुराचार दांदी जंगल में नहीं, बल्कि कहीं और हुआ है? क्या हत्या करने के बाद उसका शव दांदी जंगल में फेंका गया होगा?

सीबीआई ने मीडिया के सामने गुड़िया के हत्यारों को 25 अप्रैल तक हिरासत में लेने का दावा किया है। इससे साफ हो गया है कि करीब 8 महीने से चल रही इस मामले की जांच की गुत्थी सुलझने वाली है। बीते सप्ताह हलाइला के जंगल में सीबीआई की एक टीम पहुंची थी। तीन सदस्यीय टीम दिल्ली से स्पेशल भेजी गई थी। इन अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से इस मामले में बातचीत की है।
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पुलिस जांच से भी मिले सुराग

गुड़िया प्रकरण में हुई पुलिस जांच से भी सीबीआई के हाथ कुछ सुराग लगे हैं। पुलिस के एकत्रित वैज्ञानिक सबूतों को सीबीआई ने सिरे से खारिज नहीं किया है। सीबीआई उन कड़ियों को भी जोड़ रही है, जिसके आधार पर पुलिस ने गिरफ्तारियां की थीं। 

आरोपियों के इर्द-गिर्द सीबीआई 
गुड़िया दुराचार और हत्या मामले में सीबीआई की एक टीम आरोपियों के इर्द-गिर्द घूम रही है। यह टीम आरोपियों की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। 

हमें सीबीआई पर विश्वास
गुड़िया की बहन निशा ने कहा कि हमें सीबीआई पर पूरा विश्वास है। आरोपियों को हिरासत में लेने की बात कही गई है। पूरे परिवार को सीबीआई से उम्मीदे हैं कि आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। 

सैकड़ों लोगों से पूछताछ कर चुकी है सीबीआई 
कोटखाई। गुड़िया मामले में सीबीआई टीम क्षेत्र में सैकड़ों लोगों से पूछताछ कर चुकी है। सौ से अधिक लोगों के खून के सैंपल जांच को भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक सीबीआई के हाथ हत्यारों की गिरेबां तक नहीं पहुंचे हैं।

सीबीआई के दर्जनों अधिकारी अभी तक महासू के जंगल में पहुंच चुके हैं। अभी तक की जांच में सेब बगीचों और जंगल में ठेकेदार के पास काम कर रहे मजदूर निशाने पर रहे हैं। स्थानीय लोगों और गुड़िया के स्कूल में भी मामले से जुड़े सुराग तलाशने की कोशिश हुई है। 

हर सप्ताह हाजिरी लगा राजू और सुभाष
गुड़िया हत्याकांड में हिमाचल पुलिस की ओर से आरोपी बनाए गए मजदूर सुभाष और राजू हर सोमवार को शिमला में सीबीआई टीम के पास हाजिरी दे रहे हैं। वे अन्य दिन एक बागवान के पास बगीचे में मजदूरी कर रहे हैं। दोनों कोर्ट से जमानत पर हैं। सीबीआई उनसे कई बार पूछताछ कर चुकी है।
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