गेहूं की फसल पककर तैयार होने वाली है। इसके चलते मंडी जिले के लघु और मझोले किसानों ने सरकार से थ्रेशर उपदान पर उपलब्ध करवाने की गुहार लगाई है। किसान यूनियन का कहना है कि सरकार ने पिछले वर्ष से किसानों को उपदान पर थ्रेशर उपलब्ध करवाना बंद कर दिया है, जिससे किसानों को अब अपनी फसल की थ्रेशिंग करना मुश्किल होगी।
हिमाचल किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सुंकाराम ठाकुर, प्रदेश महासचिव सीता राम वर्मा, कंगड़ा के प्रधान प्रीतम भारती, बिलासुपर सोहन सिंह पटियाल, शिमला के दुर्गादास, सिरमौर से धर्म दास कश्यप, मंडी से भूप सिंह, चौंतड़ा से किशोरी लाल, चंबा से नीना ठाकुर, लाहौल स्पिति से गुरदास तथा कुल्लू से कमलेश शर्मा राज्य उपप्रधान बीडी लखनपाल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि प्रदेश के लघु और मझोले किसानों के लिए छोटे थ्रैशर उपदान पर उपलब्ध करवाये जाये। प्रदेश महासचिव ने कहा कि सरकार ने थ्रैशर पर पिछली व वर्ष से उपदान बंद कर दिया है, जिससे कृषकों में भारी रोष है। किसानों ने मांग की है कि थ्रेशरों की खरीद पर उपदान देने का प्रावधान किया जाए।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए चलाए जा रहे सरकारी अभियान के तहत नियुक्त एनसीसी कैडेट, एनएसएस स्वयंसेवी और भारत एवं स्काउट गाइड के युवाओं को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। बुधवार को स्वास्थ्य निदेशालय के प्रशिक्षण संस्थान परिमहल शिमला में दोपहर 12 बजे इन सभी वालंटियर को एक घंटे के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने सभी स्वयंसेवियों को इस ऑनलाइन प्रशिक्षण में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के माध्यम से कोरोना वायरस से निपटने के लिए शुरू हुए अभियान में सेवाएं देने वाले स्वयं सेवियों के लिए प्रशिक्षण लेना जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान सेवाएं देने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के तहत बताया जाएगा किस तरह से सभी सुरक्षित उपाय करते हुए सेवाएं दी जानी है। उन्होंने सभी स्वयंसेवियों से घर बैठे इस ऑनलाइन प्रशिक्षण का लाभ उठाने की अपील की है।