प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं सुजानपुर से विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि सोशल मीडिया पर पोस्ट उन्होंने तजुर्बे के आधार पर डाली है। मीडिया और समाज उसका विश्लेषण कैसे करता है, यह उन पर निर्भर करता है। लेकिन मैं फिर दोहरा रहा हूं कि विवादों और बुराई से बचना चाहिए। राणा ने कहा कि अगर सरकार काम नहीं करेगी तो वह जनता की आवाज विधानसभा में उठाएंगे।
शनिवार को गांव सराहकड़ में आयोजित एक संस्था के कार्यक्रम में राणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इतिहास के पन्नों से कुछ सीखना चाहिए। विवादों में रहने वाला व्यक्ति हमेशा परेशान रहता है। महाभारत क्यों हुआ, यह इतिहास के पन्नों में दर्ज है। जब पांडवों ने कहा कि हमें पांच गांव चाहिए तो दुर्याधन ने कहा कि हम सुई की नोक के बराबर भी जमीन नहीं देंगे।
परिणाम में लाखों लोगों का नरसंहार और तबाही हुई। समाज को इससे सीखना चाहिए। राणा ने कहा कि पूरी दुनिया सोशल मीडिया पर अपनी पोस्टें डालती है, उसी तरह हमने भी डाली है। किसी के प्रति उनकी कोई दुर्भावना नहीं और किसी के ऊपर उन्होंने टिप्पणी नहीं की है।
विधायक ने कहा कि मैं सरकार का हिस्सा हूं और सरकार बेहतर काम कर रही है। लेकिन आदमी कर्म से बड़ा बनता है। हमने मंत्री पद की कोई इच्छा नहीं रखी। यह भी सही है कि सब लोग मंत्री नहीं बनते। किसको क्या जिम्मेदारी देनी है, यह हाईकमान के साथ मुख्यमंत्री बैठक में चर्चा के दौरान तय करते हैं। राणा ने कहा कि कांग्रेस एकजुट है और किसी भी तरह का मनमुटाव नहीं है।
कर्मचारी चयन आयोग को किया जाए बहाल
राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के भर्ती परीक्षा पेपर लीक करने वाले आरोपी आज सलाखों के पीछे हैं। बेरोजगारों के हित में कर्मचारी चयन आयोग को बहाल करना चाहिए। आज लाखों युवाओं और अभिभावकों की नजरें सरकार पर टिकी हुई हैं।