इसी गांव के एक व्यक्ति ठाकर दास ने अपने घर के बाहर बुधवार को दिन को पानी की तीन बाल्टी पशुओं को पीने के लिए रखी थीं। रात तक यह पानी ठीक था। सुबह 6 बजे जब उसकी पत्नी उठी तो बाहर देखा कि उन बाल्टियों में पानी का रंग सफेद हो गया तथा एक अजीब सी गंध भी आ रही थी।
उसके बाद उसने इस बारे में अपने पति को बताया। बाहर आने पर उसने देखा कि पानी से अजीब सी गंध आ रही थी। उसे शक हुआ कि इसमें जहर ही है तथा आसपास के घरों में हल्ला डाल दिया। इसके बाद टैंक के नजदीक एक नलके को खोला गया तो उस पानी से भी अजीब सी गंध आ रही थी।
तीन दिन बंद रहेगी टैंक से सप्लाई- सूचना मिलते ही आईपीएच विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। टैंक के पानी के सैंपल टेस्टिंग के लिए मंडी लैब में भेज दिए है। टैंक और पाइपों को साफ कर दिया है। तीन दिन तक सफाई का सिलसिला जारी रहेगा। गांव के लिए पानी की सप्लाई पीछे से डायरेक्ट कर दी है।
ओवरफ्लो पाइप से डाला जहर- सूचना मिलते ही सबसे पहले विभाग का वाटर गार्ड मौके पर आया और जब टैंक के ढक्कन को खोला तो एक फीट तक पानी सफेद हो गया और पानी से गंध आ रही थी। हालांकि टैंक के ढक्कन को को ताला लगा था पर शरारती तत्व ने जहर को ओवर फ्लो पाइप से डाला था।
थाने में दर्ज करवाई शिकायत- सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिशाषी अभियंता उपेंद्र वैद्य ने कहा कि पानी में जहर मिलने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और देखा कि टैंक में पानी एक फीट तक सफेद था और गंध आ रही थी। पानी के सैंपल भर कर लैब को भेज दिए गए हैं। लोगों के लिए पानी बाहर से डायरेक्ट सप्लाई कर दिया है। इस मामले की पुलिस थाना जंजैहली में एफआईआर दर्ज कर दी है।
पहले दूषित पानी पीने से बीमार हुए थे 22 लोग- शनिवार को नगवाईं क्षेत्र में भी जहरीला पानी पीने से 22 लोग बीमार पड़े थे। उन्हें उल्टी दस्त की शिकायत हुई थी। जिसमें दो बच्चियों को कुल्लू अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उसके बाद प्रशासन ने आनन फानन में दिशा निर्देश जारी किए थे। अब दोबारा सीएम के गृहक्षेत्र में ही इस तरह की घटना सामने आई है।