पोलिंग बूथ पर मतदान करवा रहे कर्मचारियों के साथ कुछ लोगों ने बहसबाजी कर दी। बाद में बूथ कर्मियों को बुरी तरह से पीट दिया। इससे मतदान रोकना पड़ा। मामला कांगड़ा के ब्लॉक देहरा की पंचायत सिल्ह का है। यहां कुछ शरारती तत्वों ने पोलिंग पार्टी के साथ हाथापाई कर दी। घटना के बाद शरारती तत्व फरार हो गए। मतदान रुकने से मतदाताओं को परेशानी झेलनी पड़ी।
घटनाक्रम के बाद करीब एक घंटे तक मतदान नहीं हो सका। सूचना मिलने के बाद एसडीएम ज्वालामुखी राजीव शर्मा, डीएसपी कुलदीप कुमार और बीडीओ देहरा नरेश वर्मा मौके पर रवाना हो गए। घटना के बाद पोलिंग कर्मचारी भयभीत दिखे। अधिकारियों से पोलिंग कर्मचारियों ने भय के चलते मतदान प्रक्रिया पूरी करवाने में असमर्थता जताई।
इसके बाद चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों ने तुरंत पोलिंग पार्टी को बदल दिया और नई पोलिंग पार्टी को ड्यूटी पर तैनात कर दिया। इसके बाद मतदान प्रक्रिया शुरू हो सकी। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने सिल्ह पंचायत के वार्ड नंबर 4 के बूथ को अति संवेदनशील की सूची में डाल रखा था। वहां सिर्फ दो सुरक्षा कर्मी तैनात थे।
इस वार्ड में नहीं पड़ा एक भी वोट
वहीं मंडी के नेरचौक नगर परिषद के चुनाव में तनावपूर्ण माहौल रहा। स्योहली वार्ड से दो प्रत्याशी मैदान में होने से मतदान प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया। वार्ड 11 के पोलिंग बूथ पर एक भी मतदाता ने वोट नहीं डाला। नगर परिषद नेरचौक में पहली बार हुए चुनाव में ग्रामीणों के विरोध के चलते मतदान नहीं हुआ। वार्ड से मक्खन राम और कृष्ण चंद चुनाव मैदान थे।
रविवार को पुलिस के कड़े पहरे में मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। पीठासीन अधिकारी, अन्य कर्मचारी सुबह सात बजे से पहले पोलिंग बूथ पहुंचे। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस तैनात थी। लोग मतदान केंद्र से बाहर निगरानी करते रहे, लेकिन एक भी मतदाता वोट डालने नहीं गया। वार्ड में कुल 759 मतदाता थे। इनमें 381 पुरुष और 378 महिला मतदाता हैं। नगर परिषद के गठन को लेकर ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार किया।
प्रत्याशी मक्खन राम और कृष्ण चंद भी पोलिंग बूथ के बाहर ग्रामीणों के साथ रहे। विरोध के चलते मक्खन राम भी अपने मत का प्रयोग नहीं कर पाए, जबकि दूसरे प्रत्याशी कृष्ण चंद का वोट वार्ड 10 डडौर में था, लेकिन नामांकन स्योहली वार्ड से भरा था। पोलिंग बूथ में चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी शाम तीन बजे तक मतदाताओं का इंतजार करते रहे। बाद में पीठासीन अधिकारी ने ईवीएम सील कर दी।