हिमाचल में नगर निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस का परचम लहराया है। प्रदेश की 51 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में से 29 पर कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया है। भाजपा को महज 12 नगर निकायों में ही स्पष्ट बहुमत मिल सका है।
अन्य 10 नगर निकायों में अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। इन नगर निकायों की कुल 421 सीटों में से 226 पर कांग्रेस जबकि 158 पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी जीते हैं। 37 वार्डों में अन्य ने जीत दर्ज की है।
कांग्रेस को शिमला, ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा, मंडी और कुल्लू में शानदार जीत मिली है। भाजपा सिरमौर जिले में ही आगे रही है। सोलन और बिलासपुर में कांटे की टक्कर देखने को मिली है। रविवार को हुए नगर निकाय चुनाव में 64.84 फीसदी मतदान हुआ।
पिछले चुनाव में भाजपा को मिली थी जीत
हिमाचल में भले ही इस बार नगर निकाय चुनाव पार्टी चिन्ह पर नहीं हुए हैं लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इन चुनाव में पार्टी समर्थित प्रत्याशी घोषित किए थे। इन प्रत्याशियों की न केवल सूची जारी हुई, बल्कि कई बड़े नेताओं ने पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार भी किया।
ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले इस चुनाव के कई मायने निकाले जा रहे हैं। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में भाजपा की मजबूत पकड़ मानी जाती रही है। ऐसे में निकाय चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को आने वाले समय के लिए भी एक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
पिछले चुनाव में भाजपा थी आगे
हिमाचल में पिछली बार नगर निकाय चुनाव पार्टी चिन्ह पर हुए थे। उस दौरान कुल 48 नगर निकायों की 529 सीटों में से कांग्रेस ने 227 और भाजपा ने 229 सीटें अपनी झोली में डाली थीं। 18 निकायों में कांग्रेस और 20 में भाजपा के अध्यक्ष चुनकर आए थे। इसी तरह कांग्रेस के 21 और भाजपा के 18 उपाध्यक्ष जीते थे।
पढ़िए क्या कहा दोनों पार्टियों के नेताओं ने?
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि मौजूदा नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी को भारी जीत हासिल हुई है। कांग्रेस की विचारधारा के उम्मीदवारों ने अधिकतर क्षेत्रों में अपना परचम लहराया दिया है। सुक्खू ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल के क्षेत्र हमीरपुर जिले में भी नगर निकायों में कांग्रेस को भारी बढ़त हासिल हुई है। इससे साफ हो गया है कि शहरी क्षेत्रों की जनता ने भाजपा को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। लोगों को कांग्रेस में भरोसा है।
व्यक्तिगत स्तर का चुनाव था, फिर भी प्रदर्शन पर करेंगे मंथन : सत्ती
प्रदेश के 51 नगर निकायों में हुए चुनाव के रिजल्ट सामने आने के बाद एक ओर जहां कांग्रेस पार्टी जश्न मना रही है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी रिजल्ट सामने आने के बाद मंथन मोड में चली गई है। हाल ही में पार्टी की दोबारा कमान संभालने वाले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने इन चुनाव को व्यक्तिगत स्तर का चुनाव बताते हुए बचाव करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि वैसे तो इन चुनावों में जाति, मोहल्ला और आम छवि का खासा असर पड़ता है। लेकिन चूंकि पार्टी के कार्यकर्ता इस चुनाव में उतरे थे। ऐसे में पार्टी इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि पार्टी का प्रदर्शन कुछ खराब रहा है। ऐसे में पार्टी अपने प्रदर्शन पर मंथन और सुधार करने के बिंदुओं पर चर्चा अवश्य करेगी।