फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल में शोक की लहर, टल गया ऐतिहासिक मिंजर मेला

विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की मौत के शोक में डूबे हिमाचल के चंबा में होने वाले ऐतिहासिक मिंजर महोत्सव को दो दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। पूर्व राष्ट्रपति के अंतिम संस्कार तक अब मिंजर महोत्सव में कोई भी सांस्कृतिक आयोजन नहीं होगा। प्रशासन ने सिर्फ चंबा की परंपरा के मुताबिक कुंजड़ी-मल्हार और मुसाधा गायन को आयोजित करने का फैसला किया है।
विज्ञापन


मंगलवार को दिन भर चली बैठक के बाद शाम छह बजे यह निर्णय लिया गया। प्रशासन ने मिंजर के आगामी कार्यक्रमों को जारी रखने के लिए बुधवार को जनरल हाउस की बैठक बुलाई है जिसमें शहर के बुद्धिजीवी वर्ग व विभिन्न समितियों से जुड़े प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। इस बैठक में मिंजर के आगामी दिनों पर फैसला लिया जाएगा।

गौरतलब है कि चंबा में मिंजर महोत्सव सात दिनों के लिए मनाया जाता है और इन सात दिन तक चौगान में सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होता है। प्रशासन ने महंगे दामों पर मुंबई व पंजाब के कलाकारों को मिंजर के लिए बुक किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अंतिम संस्कार के बाद होगा फैसला

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की मौत के बाद माना जा रहा था कि समूची मिंजर के सांस्कृतिक कार्यक्रम राष्ट्रीय शोक के चलते रद्द कर दिए जाएंगे लेकिन सिर्फ दो ही संध्याओं के कार्यक्रम रद्द किए गए हैं।

जनरल हाउस में तय होगा प्रारूप : उपायुक्त
उधर, उपायुक्त एम सुधा देवी ने मिंजर महोत्सव में दो संध्याओं के सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शोक के चलते यह निर्णय लिया गया है। आगामी निर्णय जनरल हाउस की बैठक में होगा। जो भी स्थानीय लोग तय करेंगे उसी आधार पर मिंजर का आगामी प्रारूप तय किया जाएगा।

प्रशासन के लाखों रुपये दांव पर
प्रशासन ने मिंजर मेले में 50 लाख से अधिक रुपये का दांव लगा रखा है। मिंजर महोत्सव की आठ सांस्कृतिक संध्याओं में मीका सिंह बीस लाख रुपये में बुक किए गए हैं। जबकि अन्य कलाकार भी लाखों रुपये में चंबा प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित हैं। इसके अलावा स्थानीय कलाकारों को भी प्रशासन हजारों के हिसाब से भुगतान कर रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें