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सचिव ने किया खुलासा, शिक्षा विभाग में क्या काम कर रहे अफसर

Fri, 14 Apr 2017 11:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव अनिल स्वरूप - फोटो : अमर उजाला
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भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव अनिल स्वरूप ने कहा कि शिक्षा विभाग में 90 फीसदी अफसर और कर्मचारी तबादलों के काम में व्यस्त रहते हैं। इस एक कार्य के कारण देश के सभी राज्यों में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। वीरवार को पीटरहॉफ शिमला में शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए अनिल स्वरूप ने हिमाचल सरकार से ट्रांसफर रैकेट खत्म करने के लिए ट्रांसफर पॉलिसी बदलने को कहा।
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सुझाव दिया कि अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल को भी स्कूल वाइज रिक्तियां और नियुक्तियां करनी चाहिए। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रिक्त पद समय से भरेंगे। तबादले को लेकर भी काम कम होगा। कहा कि टीचर ट्रांसफर एक रैकेट है। कई राज्यों ने नया फार्मूला अपनाकर अपनी समस्याओं को दूर किया है। कहा कि सरकार को इसके लिए शिक्षकों के कैडर को खत्म करना होगा। वेकेंसी स्कूल वाइज और नियुक्ति स्कूल वाइज करने से कई समस्याएं अपने आप समाप्त हो जाएंगी। शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप हिमाचल के दौरे पर आए हैं। 
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सरकारी स्कूलों का किया निरीक्षण

वीरवार को उन्होंने शिमला के तीन सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया। आने वाले दिनों में वे धर्मशाला जाएंगे। इस दौरान प्रधान सचिव शिक्षा आरडी धीमान, उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा, सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद, अतिरिक्त निदेशक उच्च शिक्षा एमएल आजाद, संयुक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा केआर सैहजल आदि मौजूद रहे।

विशेष पोर्टल से होगा शिक्षकों का प्रशिक्षण
सचिव अनिल स्वरूप ने कहा कि मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय ने शिक्षकों के प्रशिक्षण को एक विशेष पोर्टल तैयार किया है। इस पर ऑडियो, विजुअल डाले जाते हैं। कक्षावार शिक्षकों को इसमें जानकारी मुहैया करवाई जा रही है। शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का यह एक नया तरीका है। इसके लिए प्रदेश के सभी स्कूलों को टैबलेट भी दिए जा रहे हैं।

अच्छे कामों का भी करे प्रचार
अनिल स्वरूप ने कहा कि शिक्षकों के अच्छे काम को भी रिपोर्ट करना चाहिए। उसकी चर्चा लगातार होनी चाहिए। मात्र एक बार अवार्ड देकर अच्छे कामों का प्रचार बंद नहीं कर देना चाहिए। उन्होंने हिमाचल के शिक्षा विभाग से सोशल मीडिया की मदद से व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आह्वान भी किया।
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