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हिमाचल के मंत्रियों, अधिकारियों ने देखी जीरो बजट खेती और प्राकृतिक गोशाला

Tue, 06 Feb 2018 10:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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governor shimla
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हिमाचल के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुकुल के जीरो बजट प्राकृतिक  कृषि मॉडल का अवलोकन, देशी गाय नस्ल सुधार पर चिंतन और मंथन किया। प्रदेश के मंत्रियों, अधिकारियों, विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और कृषि वैज्ञानिकों का एक प्रतिनिधिमंडल  गुरुकुल कुरुक्षेत्र परिसर में जीरो बजट प्राकृतिक कृषि फार्म, उन्नत और अत्याधुनिक गोशाला के अवलोकन को पहुंचा।

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गुरुकुुल के संरक्षक और हिमाचल के राज्यपाल देवव्रत आचार्य ने प्रदेश के मुख्य सचिव को थारपारकर नस्ल का उच्च कोटि का सांड भी भेंट किया, जिससे हिमाचल प्रदेश की गायों की नस्ल में सुधार हो सके। प्रतिनिधिमंडल में कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा, ग्रामीण विकास एवं पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर, बागवानी मंत्री

महेंद्र सिंह, मुख्य सचिव विनीत चौधरी, बागवानी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव आरएन बत्ता, चौधरी सरवण कुमार कृषि विवि पालमपुर के कुलपति अशोक सरियाल, डॉ. वाईएस परमार बागवानी विवि नौणी के कुलपति एचसी शर्मा और कृषि विभाग के निदेशक देसराज शर्मा के अतिरिक्त
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हिमाचल प्रदेश के अनेक प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुकुल के जीरो बजट प्राकृतिक  कृषि मॉडल का अवलोकन, देशी गाय नस्ल सुधार और गोसंवर्द्धन के लिए गोशाला देखकर कृषि संबंधी जानकारी पर चिंतन और मंथन किया। 

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50 एकड़ बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया

राज्यपाल और गुरुकुल कुरुक्षेत्र के संरक्षक आचार्य देवव्रत ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र जीरो बजट प्राकृतिक कृषि व जैव उर्वरकों के नवीन प्रयोगों के द्वारा कृषि क्षेत्र को जहरमुक्त बनाने का अमर संदेश देकर किसानों को जागरूक कर रहा है।

गुरुकुल ने प्राकृतिक कृषि के तहत जीवामृत्त और घनजीवामृत्त का निर्माण कर 50 एकड़ बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया है। इस पर उन्नत फ सलें लहलहा रही हैं। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को गुरुकुल के खेतों में ले जाकर उन्नत फ सलें दिखाईं। इन्हें देखकर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यगण अभिभूत हो गए।

प्रतिनिधिमंडल ने गुरुकुल की गोशाला में मौजूद गीर, साहिवाल, थारपारकर, राठी, सिंधी, हरियाणा नस्ल की गाय और सांड वातानुकूलित श्रीगोपाल कृष्ण गोशाला, संवर्धन और विकास केंद्र मिल्किंग पार्लर और गोमाता तरणताल का अवलोकन किया। 

इस अवसर पर गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी, राज्यपाल के ओएसडी डॉ. राजेंद्र विद्यालंकार, गुरुकुल के निदेशक एवं प्राचार्य कर्नल अरुण दत्ता, सह प्राचार्य शमशेर सिंह के अतिरिक्त अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थेे।
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