कृषि और पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार
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पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने बेसहारा गाेवंश की बढ़ती समस्या के समाधान और किसानों की फसलों की रक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान गोपाल योजना के तहत 14.68 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। उन्होंने कहा कि इस धनराशि से राज्य में बेसहारा गायों की उचित देखभाल और आश्रय सुनिश्चित किया गया।
चंद्र कुमार ने कहा कि बेसहारा पशुओं से उत्पन्न गंभीर समस्याओं, विशेषकर फसलों को होने वाले नुकसान को देखते हुए सरकार ने समस्या के समाधान की दिशा में ठोस प्रयास किए हैं। बेसहारा पशुओं के कारण फसलों को होने वाले नुकसान से किसानों को भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ती थी, जिससे कुछ स्थानों पर किसानों को कम खेती या खेती छोड़ने तक के लिए मजबूर होना पड़ता था। उन्होंने हहा कि देखभाल के दृष्टिगत सरकार ने महत्त्वपूर्ण पहल करते हुए पंजीकृत गोलाओं तथा अभ्यारण्यों में गायों के रखरखाव के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
इन गोशालाओं को दिया जाने वाला मासिक अनुदान 700 रुपये से बढ़ाकर 1,200 रुपये प्रति गाय किया गया है, जो 1 अक्तूबर, 2025 से प्रभावी है। यह वित्तीय सहायता हिमाचल प्रदेश गौ सेवा आयोग के माध्यम से वितरित की जा रही है, जिससे पशुओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो रहा है। बेसहारा गौवंश के उचित पुनर्वास से न केवल किसानों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो रहा है बल्कि किसान पुनः खेती की ओर प्रेरित हो रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी के साथ-साथ सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 में बेसहारा गोवंश के पुनर्वास के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं। हाल के वर्षों में राज्य सरकार ने कई गो अभ्यारण्य और बड़े गोसदनों की स्थापना की है। प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों तथा इच्छुक उद्योग समूहों को किसी भी सरकारी गौसदन या गौ अभ्यारण्य को गोद लेने की अनुमति दी जाएगी।