पासपोर्ट आकार की फोटो सहित थाने में देना होगा विवरण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अस्थायी तौर पर रह रहे प्रवासी श्रमिकों, रेहड़ी-फड़ी एवं फेरी वालों और अन्य बाहरी कामगारों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। पंजीकरण न करवाने वाले प्रवासी लोगों को रोजगार की अनुमति नहीं होगी।
जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने सोमवार को इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं। सभी प्रवासी मजदूरों को 31 मार्च तक अपने नजदीकी पुलिस थाने में जाकर पंजीकरण करवाने के आदेश दिए हैं। इसके तहत कोई भी नियोक्ता, ठेकेदार और व्यापारी जिला शिमला में आने वाले किसी भी प्रवासी मजदूर को तब तक काम में नहीं लगाएंगे जब तक ऐसे मजदूर संबंधित पुलिस स्टेशन में जाकर पासपोर्ट आकार की फोटो के साथ अपना विवरण प्रस्तुत नहीं करते हैं। आदेशों के अनुसार शिमला जिला का दौरा करने वाला कोई भी व्यक्ति संबंधित थाना प्रभारी को इस आशय की जानकारी दिए बिना किसी भी प्रकार के स्वरोजगार, गैर औपचारिक व्यापार, सेवाओं में अथवा रोजगार की तलाश में संलिप्त नहीं होगा। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत बाहरी कामगारों को काम पर रखने वाले उद्यमियों, कारोबारियों, ठेकेदारों, किसानों और अन्य लोगों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने कामगारों का फोटो सहित पूरा विवरण देकर नजदीकी पुलिस थाने में पंजीकरण सुनिश्चित करें।
बाहरी श्रमिकों, रेहड़ी-फड़ी एवं फेरी वालों तथा अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे बाहरी लोगों के लिए भी नजदीकी पुलिस थाने में पंजीकरण करवाने के आदेश जारी किए हैं। लोगों को हिदायत दी है कि वह अपना मकान बाहरी लोगों को किराये पर देने से पहले किरायेदारों की पहचान एवं पंजीकरण सुनिश्चित कर लें। इसके साथ ही ऐसे प्रवासी श्रमिकों का वेरिफिकेशन ऑफ एंटीसिडेंट भी करवाना होगा। इसके तहत किसी व्यक्ति के चरित्र और उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच करना है ताकि यह पता चल सके कि वह व्यक्ति भरोसेमंद और सही है या नहीं। जिला में कोई भी प्रवासी व्यक्ति कार्यक्षेत्र के अधीन आने वाले थाने में बिना पंजीकरण करवाए रोजगार अर्जित नहीं कर सकेगा।