राजधानी में जारी जल संकट पर मुख्यमंत्री ने शुक्रवार सुबह सचिवालय में आपात बैठक बुलाई। इस दौरान आईपीएच, बिजली बोर्ड और निगम पूरे मामले से अपना पल्ला झाड़ते दिखे। निगम ने आईपीएच तो आईपीएच ने बिजली बोर्ड के सिर सारा ठीकरा फोड़ दिया।
हालांकि, सीएम ने सख्त निर्देश जारी करते हुए सबकों को तालमेल के साथ काम करने को कहा। बीते सप्ताह आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स की अध्यक्षता में बैठक होने के बावजूद समस्या का हल नहीं निकलने पर मुख्यमंत्री ने चिंता जताते हुए विभागीय अधिकारियों को इस मामले में गंभीरता से कार्य करने को कहा।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। बैठक के दौरान सबने अपना पक्ष रखा। मुख्यमंत्री को बताया गया कि नगर निगम शहर में पानी के वितरण का काम करता है। पानी की सप्लाई का जिम्मा सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य का है।
उधर, आईपीएच ने बिजली की पर्याप्त सप्लाई नहीं मिलने के चलते पंपिंग प्रभावित होने की बात मुख्यमंत्री को कही। बिजली बोर्ड ने मरम्मत कार्य किए जाने का तर्क देते हुए अपना पक्ष रखा। सभी पक्षों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने आईपीएच, बिजली बोर्ड को आपस में तालमेल बनाकर नगर निगम को पानी की पर्याप्त आपूर्ति करने के निर्देश दिए।
पेयजल योजनाओं में लगेंगे जनरेटर
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में आईपीएच महकमे ने पेयजल योजनाओं में जनरेटर लगाने की बात कही है, ताकि बिजली सप्लाई गड़बड़ाने की स्थिति में पंपिंग प्रभावित न हो।