प्रदेश की चार जेलों में कैदियों की जांच के लिए लैब स्थापित करने की तैयारी है। इन लैबों में विभिन्न तरह की जांच के लिए उपकरणों की खरीद का प्रस्ताव जेल विभाग ने सरकार को भेजा है। सरकार से अनुमति व बजट मिलने पर कैदियों को जेल से अस्पताल लाने-ले जाने की मशक्कत खत्म हो जाएगी।
फिलहाल इन उपकरणों के इस्तेमाल के लिए विभाग की ओर से अपने दो दर्जन कर्मचारियों को एसएसबी मेडिक ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग भी कराई जा रही है। डीजी जेल सोमेश गोयल ने बताया कि एक कैदी को जेल से अस्पताल ले जाने के लिए कम से कम दो कर्मचारियों को ले जाने की जरूरत होती है।
इसके अलावा उनके भागने या किसी भी अन्य स्थिति को लेकर भी खतरा रहता है। ऐसे में सभी जेलों के लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग दिलाई जा रही है, जिससे छोटी जांच हर जेल में हो सके। जबकि विशेष जांच के लिए शिमला की कंडा, धर्मशाला, नाहन और बिलासपुर जेल में लैब भी तैयार किए जा रहे हैं।