स्नातक और पीएचडी की फर्जी डिग्री के आरोपों पर बिहार के महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी (एमजीसीयू) के कुलपति पद से इस्तीफा देने वाले प्रो. अरविंद अग्रवाल फिर से केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला आएंगे। प्रो. अरविंद्र अग्रवाल तीन फरवरी 2016 से मोतिहारी सीयू में कुलपति के पद पर तैनात थे।
वे सीयू धर्मशाला के सोशल साइंस विभाग से बतौर कुलपति मोतिहारी गए थे। उन्हें अपने अकादमिक रिकॉर्ड की गलत जानकारी देने के आरोपों के कारण पद से इस्तीफा देना पड़ा। आरोप था कि उन्होंने केंद्र सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय में फर्जी डिग्री दी थी, जिसमें उन्होंने स्नातक और पीएचडी की गलत जानकारी दी थी।
अकादमिक रिकॉर्ड की गलत जानकारी देने के आरोप आरटीआई सूचना के हवाले से लगाया गया था। इसी के चलते उन्हें 15 नवंबर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार अब प्रो. अग्रवाल इसी महीने सीयू धर्मशाला के सोशल साइंस विभाग में सेवाएं देने के लिए फिर से आ रहे हैं।
वहीं, जिन डिग्रियों को गलत पाए जाने के आरोप लगे हैं, सीयू धर्मशाला की वेबसाइट पर अभी तक वही बायोडाटा दर्शाया जा रहा है। ऐसे में अब केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला को उन्हें रखने या न रखने पर फैसला करना होगा। उधर, केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो वीसी एचआर शर्मा ने कहा कि इस बारे में कुलपति ही फैसला लेंगे। यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र का नहीं है।