कोरोनाकाल में मेडिकल उपकरण अधिकतर चीन से आते थे। यातायात सुविधा कम होने से इसकी बहुत ज्यादा किल्लत हो गई थी। उसके बाद केंद्र सरकार ने कई राज्यों में मेडिकल डिवाइस पार्क खोलने का निर्णय लिया। इनमें नालागढ़ भी एक है। प्रदेश सरकार ने सैणी माजरा पंचायत के तैलीवाल और जिहड़ में 1,623 बीघा जमीन इस पार्क के लिए उपलब्ध करवाई। पार्क निर्माण का खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। इसका निर्माण हिमाचल प्रदेश उद्योग विकास निगम करेगा।
सरकार ने इसके निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम का अलग से डिवीजन नालागढ़ में खोल दिया है। इसके लिए राजेश मिन्हास को अधिशासी अभियंता, बाबू राम को सहायक अभियंता, गुरपाल सिंह को जेई तैनात किया गया है। इसके अलावा शिमला और मंडी से भी एक-एक जेई ने यहां पर कार्यभार संभाला है। विभाग ने आरटीओ कार्यालय की बिल्डिंग में डिविजिन में कार्यालय खोला है।
यह होगा पार्क में
पार्क बनाने के लिए सबसे पहले जमीन को समतल किया जाएगा। जमीन सीधी होने के बाद निगम यहां पर करीब 100 प्लॉट तैयार करेगा। इसमें ग्रीन पार्क, प्रयोगशाला और कार्यालय की बिल्डिंग के अलावा आवासीय मकान तैयार होंगे। पार्क के बीच 30 मीटर, 24 मीटर और 18 मीटर चौड़ी सड़कें भी तैयार की जाएंगी।
हिमाचल प्रदेश उद्योग विकास निगम ने डिवाइस पार्क के लिए जमीन समतल करने के लिए टेंडर लगाया है। अब 12 अक्तूबर को इसके टेंडर खुलेंगे। उधर, उद्योग विभाग के अतिरिक्त निदेशक टीआर शर्मा ने बताया कि नालागढ़ के सैणी माजरा पंचायत में बनने वाले इस मेडिकल डिवाइस पार्क का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दिया है। इस पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च होने वाला है।