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पानी के बिल न चुकाने वाले जरूर पढ़ें ये खबर..

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लंबे समय से पीने के पानी का बिल न चुकाने वाले करीब डेढ़ हजार उपभोक्ताओं के पानी कनेक्शन काटने की तैयारी है। नगर निगम की जल शाखा ने इन परिवारों को नोटिस जारी किए हैं। 31 अगस्त तक बिल जमा करवाने का अंतिम मौका दिया गया है।
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पहली सितंबर से नगर निगम पानी कनेक्शन काटने का काम शुरू कर देगा। निगम अभियंता विजय गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। शिमला में पीने के पानी का बिल अक्तूबर 2012 से फ्लैट कर दिया गया है। मीटर रीडिंग के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं को बिल नहीं भेजे जाते हैं।

उपभोक्ताओं को स्वयं नगर निगम दफ्तर आकर बिल लेने पड़ते हैं। लेकिन डेढ़ हजार उपभोक्ताओं ने अभी तक नगर निगम को पानी बिल जमा नहीं कराए। नगर निगम भी अभी तक इन डिफाल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने से गुरेज करता आया है लेकिन अब निगम ने सख्ती बरतने का फैसला लिया है। वार्ड अनुसार नोटिस जारी किए गए हैं।
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एमसी पर 168 करोड़ की देनदारी

नगर निगम प्रशासन ने आईपीएच की 168 करोड़ की देनदारी को माफ करने का प्रस्ताव तैयार किया है। वीरवार को होने वाली निगम की फाइनेंस एंड प्लानिंग कमेटी की बैठक में इस प्रस्ताव को लाया जाएगा। कमेटी की स्वीकृति मिलने के बाद निगम सदन से प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजेगा।

प्रस्ताव में 168 करोड़ के पानी बिल माफ करने के लिए कई तर्क दिए गए हैं। निगम प्रशासन का कहना है कि हजारों लीटर पानी रोजाना पेयजल योजनाओं से लिफ्ट होने के बाद लीक हो रहा है। इसका बिल भी आईपीएच महकमा निगम पर थोप रहा है।

आईपीएच के कई अफसर और कर्मियों को निगम तनख्वाह देता है। इसका कोई हिसाब नहीं है। राजधानी होने के नाते नगर निगम के कई सामाजिक कर्तव्य हैं। शहर में प्याऊ लगाए गए हैं। जल संकट होने पर निगम के टैंकरों से शहर में सप्लाई होती है। बिल जारी करने से पूर्व आईपीएच को इन बातों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
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