नगर निगम शिमला के आयुक्त भूपेंद्र अत्री।
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हिल्स क्वीन शिमला घूमने आने वाले सैलानियों के वाहनों में अब कूड़े के लिए बैग रखना अनिवार्य होगा। राजधानी को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए नगर निगम जल्द ही यह नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके लिए टैक्सी और ट्रांसपोर्ट यूनियन के साथ बैठक बुलाने का फैसला लिया है।
नगर निगम के अनुसार शहर में करीब 66 हजार लोगों के घरों से रोजाना कूड़ा उठ रहा है। लेकिन इसके बावजूद शहर के पहाड़ी इलाकों, नालों, सड़कों के किनारे कचरे के ढेर लग रहे हैं। इसमें ज्यादातर कचरा बाहर से आने वाले लोग फेंक रहे हैं। हजारों सैलानी निजी वाहनों के अलावा ट्रैवलर, टैक्सियों और बसों से शिमला पहुंचते हैं। रास्ते में और शिमला पहुंचने पर खाने पीने की चीजों का कचरा खुले में फेंक देते हैं। इससे गंदगी फैल रही है। यूनियन के साथ होने वाली बैठक में सभी वाहनों में कचरे के लिए अलग बैग रखने को लेकर निर्देश जारी होंगे। चालक सैलानियों को कचरा इसमें रखने के लिए जागरूक करेंगे। शिमला पहुंचने पर बैग में जमा होने वाले कचरे को फेंकने के लिए स्थान चिह्नित होंगे। यहां से निगम यह कचरा उठाएगा।
10 अप्रैल तक चलेगा सफाई अभियान
स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर अभियान के तहत शिमला शहर में 10 अप्रैल तक स्वच्छता मुहिम चलेगी। मीडिया से बातचीत में नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि रोज वार्डों में सफाई की जा रही है। अब स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भी घर घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी। जल्द ही शहर में एक जागरूकता मैराथन भी करवाई जाएगी। शहर में इकट्ठा किया नौ टन सिंगल यूज प्लास्टिक सड़क बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग को दिया जा रहा है। आयुक्त ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के साथ भी सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर अभियान चलेगा। इसमें बच्चों को यह प्लास्टिक जमा करने और फिर निगम को देने के लिए जागरूक किया जाएगा।
पहली मार्च से घरद्वार शिकायतें सुनेगा निगम
नगर निगम शहर में पहली मार्च से वार्डों में समाधान शिविर भी लगाने जा रहा है। इसमें एकसाथ दो वार्डाें के लोगों की एक जगह पर शिकायतें सुनी जाएंगी। लोग टैक्स, किराया, सफाई, सीवरेज, पानी समेत नगर निगम से जुड़ी शिकायतें इसमें दे सकेंगे। मेयर, पार्षदों के अलावा निगम के अधिकारी मौके पर इसका समाधान करेंगे। 34 वार्डों के लिए 17 समाधान शिविर लगाए जाएंगे।