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राजधानी शिमला के लोगों को नगर निगम ने दी बड़ी राहत

Fri, 30 Mar 2018 10:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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गारबेज कलेक्शन फीस की दरों में की गई पांच से दस गुणा तक बढ़ोतरी को नगर निगम वापस लेगा। वीरवार को नगर निगम की मासिक बैठक के दौरान फीस में भारी भरकम बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेसी पार्षदों ने हाउस के अंदर धरना दे दिया और जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसी पार्षदों के विरोध के बाद अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया कर बढ़ी हुई दरों के पुनर्निर्धारण का फैसला लिया गया। अब नगर निगम नए सिरे से गारबेज कलेक्शन फीस की नई दरें निर्धारित करेगा।

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वीरवार को हाउस शुरू होते ही वरिष्ठ कांग्रेसी पार्षद आनंद कौशल ने सवाल उठाया कि गारबेज कलेक्शन की फीस बढ़ने के बाद भी निगम की आय क्यों नहीं बढ़ रही है। मज्याठ के पार्षद दिवाकर देव शर्मा ने कहा कि बढ़ी हुई दरों से नाराज पब्लिक पार्षदों का घेराव कर रही है।

सांगटी की पार्षद मीरा शर्मा ने कहा कि गलियों में चल रही दुकानों की फीस पांच से दस गुणा बढ़ा दी गई है यह अनुचित है। लोअर बाजार से पार्षद इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कारोबारियों को सॉफ्ट टारगेट समझ कर नगर निगम ने अनुचित बोझ डाल दिया है।
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कसुम्पटी के पार्षद राकेश चौहान ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है, इसलिए इस पर हाउस में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए, लेकिन निगम प्रशासन द्वारा चर्चा न करवाने के बाद सभी कांग्रेसी पार्षद विरोध अपनी कुर्सियों से उठ कर जमीन पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। नाराज पार्षदों को मनाने की जगह मेयर और डिप्टी मेयर हाउस छोड़ कर बाहर चले गए।

इसके बाद एक एक कर भाजपा पार्षदों ने भी सदन छोड़ दिया। करीब दस मिनट बाद सभी हाउस में लौट आए। निगम पार्षद तनुजा चौधरी, अर्चना धवन, राकेश चौहान, मीरा शर्मा, सिमी नंदा, आनंद कौशल, इंद्रजीत सिंह, दिवाकर देव, शारदा चौहान, रीता ठाकुर, कुलदीप ठाकुर, कुसुम लता ठाकुर सहित अन्य कांग्रेसी पार्षद धरने में बैठे।  

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हम भी आपके साथ हैं, पर कुर्सी पर तो बैठ जाओ

भाजपा पार्षद किरण बाबा ने कांग्रेसी पार्षदों से आग्रह किया कि हम सब भी इस मुद्दे पर आपके साथ हैं लेकिन चर्चा के लिए कुर्सियों पर तो बैठ जाओ। भाजपा पार्षद किमी सूद, आरती चौहान और कमलेश मेहता ने भी कांग्रेसी पार्षदों से चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया। 

न्यायालय के आदेशों पर गठित की थी कमेटी
नगर निगम आयुक्त रोहित जम्वाल ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेशों पर गारबेज कलेक्शन की दरें बढ़ाने के लिए कमेटी गठित की गई थी। कमेटी की सिफारिशों पर हाउस की अनुमति से दरें बढ़ाई गई हैं।

अगर निगम के दो तिहाई पार्षद लिखित में यह देने के लिए तैयार हैं कि बढ़ी हुई दरों में कटौती होनी चाहिए तो इस पर चर्चा की जा सकती है। इसके बाद आयुक्त ने पार्षदों की लिखित स्वीकृति के तौर पर हस्ताक्षर करवाने के आदेश दिए। अब नगर निगम नए सिरे से दरें निर्धारित करेगा।

आधे घंटे देरी र्से आइं, आधा घंटा पहले उठकर चल दीं मेयर
नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट वीरवार को हाउस में साढ़े ग्यारह बजे पहुंची जबकि नगर निगम के अधिकारी और कुछ पार्षद पूर्व निर्धारित समय पर ठीक ग्यारह बजे हाउस में पहुंच चुके थे। मेयर के न पहुंचने के कारण हाउस आधा घंटा देरी से शुरू हुआ।

डिप्टी मेयर राकेश शर्मा भी मेयर से पांच मिनट पहले ही हाउस में पहुंचे। इतना ही नहीं हाउस खत्म होने से करीब आधा घंटा पहले ही मेयर हाउस से यह कहते हुए बाहर निकल गईं कि हाईकोर्ट के एक प्रोग्राम में जा रही हूं।
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