महासंघ के प्रांत प्रचारक संजीव ने प्राथमिक शिक्षा में संस्कारों का समावेश विषय पर विचार रखे। प्राथमिक स्तर से ही बच्चों के अंदर अच्छे संस्कारों का समावेश आज के बदलते परिवेश की मांग है। बचपन के संस्कार आजीवन व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं।
बच्चों को भारत के संस्कारों के अनुरूप शिक्षा दी जानी चाहिए। मनोज गुप्ता ने प्राथमिक स्तर पर गणित को रोचक कैसे बनाया जाए, इसकी जानकारी दी। नंदकिशोर शास्त्री ने प्राथमिक शिक्षा को मातृ भाषा में दिए जाने पर बल दिया।
अजय ने आईटी शिक्षा सुधार करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि आईसीटी लैब का प्रयोग उप विद्यालय के प्राथमिक स्कूलों में भी होना चाहिए। ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार करना चाहिए, जिससे बच्चों को पढ़ने में आसानी हो और कहानियों के माध्यम से बच्चे सहज रूप से ज्ञान प्राप्त कर सकें।
भगत चंदेल ने प्री नर्सरी कक्षाएं शुरू करने और शिक्षकों की गैर शैक्षणिक कार्य में ड्यूटी नहीं लगाने की बात कही। सेमिनार के दूसरे दिन शुक्रवार को प्राथमिक शिक्षा की दशा एवं दिशा पर शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। समापन कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज मौजूद रहेंगे। इस दौरान हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ की स्मारिका का विमोचन भी किया जाएगा।