महापौर ने इस पूरे मामले पर सड़क एवं भवन निर्माण शाखा से रिपोर्ट तलब की है। उधर विभाग से इस बारे में संबंधित कनिष्ठ अभियंता को रिपोर्ट देने को कहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारियों पर गाज गिरना तय है। एक और नगर निगम आयुक्त, संयुक्त आयुक्त और उनकी टीम देर शाम तक दफ्तर में बैठकर जनता के काम निपटा रहे हैं तो दूसरी ओर कुछ कर्मचारी दिनदहाड़े ही दफ्तर के भीतर कॉकटेल पार्टियां कर रहे हैं।
आयुक्त दौरे पर, कर्मचारियों की मौज
निगम आयुक्त रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर दिल्ली दौरे पर रवाना हुए थे। इनके पीछे कई कर्मचारियों की मौज लग गई। दो तीन दिन से कई कर्मचारी सुबह आराम से 11 बजे दफ्तर पहुंच रहे हैं जबकि कई दिन के समय दफ्तर में बैठने की बजाय मालरोड और रिज की सैर करते दिखाई दे रहे हैं। निगम दफ्तर पहुंच रहे लोग भी ऐसी व्यवस्था देखकर हैरान हैं।