वर्ष 1990 में हुए चुनाव में कांग्रेस मात्र आठ, जबकि भाजपा को 46 और उसकी गठबंधन सहयोगी जनता दल को 11 सीटें मिलीं थीं। हिमाचल में सरकार का आधा कार्यकाल ही हुआ था कि छह दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद तोड़े जाने के कारण केंद्र की कांग्रेस सरकार ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकारों को बर्खास्त कर दिया था। करीब नौ माह के राष्ट्रपति शासन के बाद नवंबर 1993 में चुनाव हुए। इसमें कांग्रेस सत्ता में आई, लेकिन धर्मशाला से किशन कपूर भाजपा की सीट से चुनाव जीते।
अब तक धर्मशाला से ये रहे विधायक
हिमाचल के गठन से पहले जब धर्मशाला पंजाब का हिस्सा था तो 1967 में कांग्रेस के आरके चंदेल धर्मशाला से विधायक बने थे। हिमाचल गठन के बाद पहली बार 1972 में हुए चुनाव में कांग्रेस के चंद्रवर्कर विधायक बने। इसके बाद 1977 में जनता पार्टी और 1982 में बृृज लाल भाजपा से जीते।
साल 1985 में कांग्रेस के मूलराज पाधा ने जीत दर्ज की। इसके बाद 1990, 1993 और 1998 तीन बार लगातार भाजपा के किशन कपूर, 2003 में कांग्रेस से चंद्रेश कुमारी, 2007 में किशन कपूर, 2012 में सुधीर शर्मा और 2017 में फिर किशन कपूर जीते।