पूर्व महापौर मधू सूद भाजपा का दामन थाम सकती हैं। ऐसी चर्चाएं जोरों पर हैं। सूद के भाजपा में जाने से कांग्रेस को तगड़ा झटका लग सकता है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस के कई नेता पार्टी के साथ संपर्क में हैं। हालांकि चुनाव की अधिसूचना के बाद ही भाजपा प्रत्याशियों को लेकर अपने पत्ते खोलेगी। साल 2012 के नगर निगम चुनाव में तत्कालीन महापौर मधू सूद पर ही कांग्रेस ने दांव खेला था।
कांग्रेस को पुराने गढ़ को अपने कब्जे में लेने की कड़ी चुनौती है तो वहीं मोदी लहर के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर है। शिमला शहर के विधायक सुरेश भारद्वाज की मानें तो शिमला के कई कांग्रेस के नेता उनके संपर्क हैं इन्हें भाजपा में कब शामिल करना है यह भाजपा हाईकमान ही तय करेगी। भाजपा में शामिल होने के सवाल पर पूर्व महापौर मधू सूद ने कहा कि ..प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फॉलो करना चाहिए ..अभी देखते हैं।
तीसरे स्थान पर रहीं थी मधू
पिछले चुनाव में मधू सूद तीसरे स्थान पर रहीं थी। चुनाव में माकपा के संजय चौहान को 21903, भाजपा के डॉ. एसएस मिन्हास को 14035 और कांग्रेस से मधू सूद को 13278 वोट मिले थे। पिछले नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के गढ़ में माकपा और भाजपा सेंध लगाने में कामयाब रही थी।
पहली बार जीते थे भाजपा के 12 पार्षद
25 सीटों में बीजेपी के 12 पार्षद पहली बार जीतकर आए थे और कांग्रेस को केवल 10 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था। इस बार नगर निगम के प्रस्तावित चुनाव पार्टी चुनाव चिन्ह पर नहीं होंगे और न ही महापौर और उप महापौर के सीधे चुनाव होंगे। पुनर्सीमांकन से अब वार्डों की संख्या 25 से बढ़कर 34 हो गई है।
भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं सुनी : संजय
जिला भाजपा के अध्यक्ष संजय सूद का कहना है कि नगर निगम के चुनाव को लेकर भाजपा पूरी तरह से तैयार है। जहां तक कांग्रेस की पूर्व मेयर मधू सूद का भाजपा में शामिल होने का सवाल है वह पार्टी ही तय करेगी उन्होंने इस बारे में उनसे कोई संपर्क नहीं किया है लेकिन भाजपा में वह शामिल होगी इसकी चर्चा सुन रहे हैं।
ऐसी जानकारी नहीं : चौहान
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा के शिगूफे अब बहुत पुराने हो चुके हैं। बीते साढ़े चार साल के दौरान कांग्रेस के नेता तो छोड़िए किसी एक भी कार्यकर्ता भाजपा में शामिल नहीं हुआ है। मधू सूद के कांग्रेस छोड़ने और भाजपा में शामिल होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
एमसी चुनाव को हाइजेक करना चाहती है कांग्रेस : बिंदल
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राजीव बिंदल ने कहा कि सरकार ने नगर निगम चुनाव को हाइजेक करना चाहती है। भोरंज उप चुनाव में मिले हार का घाव भरने के लिए कांग्रेस सरकार वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करवा रही है। राजीव बिंदल ने शिमला में प्रेसवार्ता में कहा कि नगर निगम की परिधि में 18 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से गायब हैं। सोमवार को इस मामले को लेकर उपायुक्त से मुलाकात की जाएगी।
बिंदल ने कहा कि जिस तरह से नगर निगम शिमला में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब किए गए हैं, उससे स्पष्ट है कि कांग्रेस योजनाबद्ध षड्यंत्र के तहत हार से बचने के लिए माकपा के साथ मिलकर चुनाव को टालना चाहती है। बिंदल ने जाखू वार्ड का हवाला देते हुए कहा कि 1100 लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब हैं। यहां पांच बड़े-बड़े भवनों में रह रहे लोगों के नाम ही सूची से गायब कर दिए हैं। संजौली वार्ड के एक पोलिंग बूथ 19/5 में 425 वोट गायब हैं और एक अन्य बूथ में 19/1 में तो किसी भी व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है। कनलोग वार्ड 34/4 पोलिंग बूथ खाली है।
पुरानी वोटर लिस्ट में इस वार्ड में 3300 के करीब मतदाता थे, लेकिन अब यह घटकर 2230 हो गई है। वार्ड नंबर 26 पंथाघाटी में 171 वोटर हैं, जबकि यहां वार्ड की जनसंख्या 7 हजार के करीब है। मेयर का घर भी इसी वार्ड में है। हैरानी की बात है कि इतने वोटरों के लिए कैसे अलग वार्ड बन गया। पटयोग और न्यू शिमला वार्ड में भी वोटरों को इधर-उधर किया गया है।
बालुगंज वार्ड में एक हजार से ज्यादा वोटरों के नाम लिस्ट में नहीं है। टुटू वार्ड में उप महापौर रहते हैं और उनका नाम भी सूची में नहीं हैं। ढली वार्ड में अभी 250 की सूची बन पाई है। मशोबरा वार्ड में भी केवल 432 मतदाता हैं। शांति विहार और भट्टाकुफर वार्ड में क्रमश: 720 और 420 मतदाता हैं, जबकि पहले इन दोनों वार्डों में करीब 2500 वोटर थे। उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 24 सांगटी में 800 वोट गायब कर दिए हैं। कच्चीघाटी वार्ड में 2000 वोटर गायब हैं। उन्होंने दावा किया कि इस बार नगर निगम में भाजपा काबिज होगी।