नगर निगम धर्मशाला में महिलाओं ने रिकॉर्ड 17 में से 12 वार्डों में जीत दर्ज की है लेकिन न मेयर पद मिला और न ही डिप्टी मेयर का पद। सदन में बहुमत साबित करने वाली भाजपा की ओर से तेजिंद्र कौर, रेखा देवी, मोनिका पठानिया, संतोष शर्मा, राजकुमारी और किरणा देवी ने जीत हासिल की है। इसके अलावा निर्दलीय पार्षद डिंपल ने भी भाजपा को समर्थन दिया है।
उधर, पूर्ण बहुमत से दूर खड़ी भाजपा आखिरकार नगर निगम धर्मशाला में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से अपना मेयर और डिप्टी मेयर बनाने में कामयाब रही है। कांग्रेस के पांच पार्षदों के साथ दो अन्य निर्दलीय पार्षद कांग्रेस विचारधारा के थे। यानी कांग्रेस विचारधारा के एक निर्दलीय उम्मीदवार का वोट भी भाजपा को पड़ा है।
सुहड़ा वार्ड से दूसरी बार पार्षद बनी नेहा और सन्यारढ़ वार्ड से जीते वीरेंद्र आर्य मेयर पद की दौड़ में थे लेकिन आखिरी मौके पर वे बाहर हो गए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की मुहर लगने के बाद मंगलवार को पार्षदों की शपथ लेने के दस मिनट पहले ही नामों की अनौपचारिक घोषणा भाजपा खेमे में हो चुकी थी। संगठन ने संतुलन साधते हुए अधिवक्ता दिपाली को मेयर पद की कुर्सी संभालने का मौका दिया। डिप्टी मेयर पद पर नगर परिषद मंडी में उपाध्यक्ष रह चुके अनुभवी चेहरे वीरेंद्र भट्ट को ताजपोशी दी।
सुबह 11 बजे शपथ समारोह के साथ-साथ चयन की प्रक्रिया शुरू हुई। दोपहर एक बजे मेयर और डिप्टी मेयर के नामों की औपचारिक घोषणाएं की। रोस्टर के हिसाब से मेयर पद पांच साल में पहले ढाई साल एससी के लिए आरक्षित है। दूसरे ढाई साल एसटी के लिए आरक्षित है। एसटी आबादी न होने के चलते रोस्टर में सामान्य पद को लाभ मिल सकता है। इस दौरान मेयर और डिप्टी मेयर बदलने की अटकलें भी जोरों पर रहीं।
प्रदेश कांग्रेस के हाथ से धर्मशाला नगर निगम फिसल गया है। बहुमत के बावजूद अब सोलन नगर निगम की चुनौती सामने है। क्रॉस वोटिंग के डर से सोलन के नौ कांग्रेस पार्षदों को 16 अप्रैल तक शिमला के समीप रिसोर्ट में ठहराया गया है। सोलन में मेयर पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है।
जिस तरह से सोलन नगर निगम में मंगलवार को भाजपा पार्षद शपथ लेने नहीं पहुंचे, उसे भाजपा की सोची समझी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। सोलन में भाजपा के सात पार्षद हैं और एक निर्दलीय है। भाजपा अगर क्रॉस वोट कराने में कामयाब होती है तो यहां भी कांग्रेस का खेल बिगड़ सकता है। कांग्रेस ने यही सोचकर अपने सभी पार्षदों को 16 अप्रैल तक एक साथ रिसोर्ट में रखा है।