यूनिट एरिया मेथड को लेकर नगर निगम प्रशासन और महापौर, उपमहापौर ने माथापच्ची तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक नगर निगम 17 जुलाई को सेल्फ यूज (सौ वर्ग मीटर) वालों को बड़ी राहत दे सकता है।
शहर में जिस भी स्लैब से भवन मालिकों पर टैक्स लगाया जाएगा, उससे आधा स्लैब सेल्फ यूज वालों पर लगेगा। सेल्फ यूज के अलावा ग्रीन बेल्ट, कृषि भूमि, एकल महिला, विधवा, एक्स सर्विस मैन भी संभावित है कि इसी दायरे में आएंगे।
यूनिट एरिया मेथड से ऐसे भवन मालिकों पर सबसे अधिक मार पड़ने वाली है, जिनकी संपत्ति की वैल्यू तो करोड़ों में हैं लेकिन मकान से एक पैसे की भी आमदनी नहीं हो रही है या फिर मकान से काफी कम किराया प्राप्त हो रहा है।
शिमला में ऐसे भवनों की संख्या काफी अधिक है। शिमला में भवन मालिकों को बिल्ट अप एरिया में एक इंच पर भी टैक्स चुकाना होगा। फ्लोर के हिसाब से पूरे स्ट्रक्चर का एरिया पहले ही तय किया गया है।
इस एरिया को जोन के लिए निर्धारित बेस रेट और पांच फैक्टर वैल्यू से गुणा करने के बाद पूरे स्ट्रक्चर पर बन रहे हाउस टैक्स का बिल भवन मालिक को थमा दिया जाएगा। सौ वर्ग मीटर की भूमि और फ्लैट पर भी हाउस टैक्स लगेगा।
आठ हजार लोगों को मिलेगा फायदा
करीब आठ हजार शहरवासी इस छूट के खत्म होने से टैक्स के दायरे में आने वाले हैं। पुरानी व्यवस्था में अभी तक सौ वर्ग मीटर भूमि और फ्लैट वाले उपभोक्ताओं से हाउस टैक्स नहीं लिया जाता है। इन्हीं सभी बातों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रशासन कुछ क्षेत्रों में राहत देने की तैयारी कर रहा है।
बताया जा रहा है कि पांच जोन के बजाए सिर्फ दो जोन बनाने पर भी विचार चल रहा है। इसमें नया और पुराना शिमला को जोन बनाया जा सकता है। हालांकि यूनिट एरिया मेथड को लेकर क्या अंतिम फैसला होगा, इसका खुलासा वीरवार को नगर निगम सदन में होगा।