गणित के सवालों पर नहीं करेगी पड़ेगी माथापच्ची
शिमला। गणित विषय को लेकर अब विद्यार्थियों को न तो माथापच्ची करनी पड़ेगी न ही उनमें इस विषय को लेकर खौफ रहेगा। गणित के मुश्किल लगने वाले सवालों को बच्चे चुटकियों में हल कर सकेंगे। इसमें विद्यार्र्थियों की मदद करेगी हिमाचल गणित परिषद। यह परिषद स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक के छात्र-छात्राओं को गणित की जटिलताओं और इसको लेकर बने डर को समाप्त करने तथा विषय को अच्छे से समझाने के लिए कार्य करेगी।
परिषद के संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रो. पीएल शर्मा (निदेशक यूआईटी एचपीयू) ने कहा कि बच्चों में गणित को लेकर जानकारी पहले से होती है। वह मातृ भाषा सीखने से पहले गणित को समझना शुरू करता है। कहा कि एक स्कूल न जाने वाले बच्चे के सामने एक ओर दस और दूसरी तरफ दस टाफी रखी जाए तो वह सबसे पहले दस को झपटा मारता है। इससे साफ है कि बच्चे गणित शुरू से समझते हैं, जरूरत है उन्हें तकनीक समझाने की। परिषद, सोसायटी एक्ट 2006 के तहत पंजीकृत है। प्रो. पीएल शर्मा ने बताया कि प्री प्राइमरी स्तर से लेकर विश्वविद्यालय तक के हर छात्र का गणित संबंधी उचित विकास हो इसके लिए परिषद कार्य कर रही है। इसके लिए हर स्तर पर कार्यशाला, सेमिनार और सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। गणित को पढ़ने और पढ़ाने में रुचिकर बनाने के लिए परिषद कार्य कर रही है। परिषद चार कलस्टरों में कार्य करेगी। इसमें एक कलस्टर में सरकारी स्कूल, दूसरे में निजी विद्यालय, तीसरे में महाविद्यालय और चौथे कलस्टर में राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान शामिल रहेंगे। इसके माध्यम से ही छात्रों के हित के लिए कार्य होंगे।
परिषद की प्रदेश इकाई गठित
शिमला। हिमाचल गणित परिषद में प्रोफेसर पीएल शर्मा को अध्यक्ष, प्रो. राजेश शर्मा उपाध्यक्ष, डॉ. मानसी हरीश सचिव, डॉ. शालिनी गुप्ता कोषाध्यक्ष, डॉ. नीतू धीमान, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. शबनम शर्मा को कार्यकारिणी सदस्य बनाया है। स्कूल, कॉलेज और विवि स्तर का कोई भी शिक्षक परिषद का सदस्य बन सकता है।