पार्थिव देह घर पहुंचते ही बेसुध हुई मनीषा।
- फोटो : संवाद
जिला मंडी के जोगिंद्रनगर के दूल गांव के जांबाज अमित कुमार रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। पत्नी ने दुल्हन का जोड़ा पहनकर सैनिक पति को अंतिम विदाई दी। अमित कुमार का पैतृक गांव के श्मशानघाट में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में शामिल सभी लोगों की आंखें नम थीं। रविवार सुबह करीब 7:00 बजे अमित की पार्थिव देह जोगिंद्रनगर पहुंची थी।
गलू पंचायत के दूल गांव के अमित कुमार सियाचिन ग्लेशियर में एक साल का कार्यकाल पूरा कर सेना मुख्यालय लौट रहे थे। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्होंने सेना के चंडीगढ़ अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अमित लेह लद्दाख में पंजाब-21 रेजिमेंट में नायक के पद पर थे। करीब पांच साल पहले भारतीय सेना में भर्ती होकर सियाचिन ग्लेशियर में सेवाएं दे रहे थे।
एक साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्होंने अब निचले क्षेत्र में सेवाएं देनी थीं। इसी बीच, उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। विधायक प्रकाश राणा, मंडल भाजपा अध्यक्ष पंकज जंवाल भी जांबाज सैनिक की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। एसडीएम डॉ. विशाल शर्मा, पूर्व मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक सुरेंद्र पाल ठाकुर सहित कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर और अन्य लोगों ने सैनिक के निधन पर दुख जताया है।
तिरंगे में लिपटे अमित को देख मां बेहोश, पत्नी भी बेसुध
तिरंगे में सैनिक अमित की पार्थिव देह दूल गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। जवान बेटे का शव देखकर मां गौरी बेहोश हो गईं। पत्नी मनीषा भी बेसुध थीं। लोक निर्माण विभाग में बेलदार पिता जोगिंद्र सिंह की आंखें भी नम थीं। करीब 9:00 बजे अंतिम यात्रा शुरू हुई। सैकड़ों लोगों ने भारत माता की जय और अमित कुमार अमर रहे के नारों के साथ अंतिम विदाई दी। पालमपुर से जोगिंद्रनगर पहुंची सेना की एक टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर जवान को अंतिम विदाई दी। अमित के छोटे भाई मनीष कुमार ने चिता को मुखाग्नि दी।
नन्हें मेहमान के साथ नए मकान में शिफ्ट होने की हसरत रह गई अधूरी
पैतृक घर दूल में जून महीने में करीब 40 दिन की छुट्टी के दौरान अमित ने नए मकान का लेंटर डलवा दिया था। नए साल में परिवार में शामिल होने जा रहे नए मेहमान के साथ शिफ्ट होने की तैयारी थी। अमित की एक बेटी है। अमित की शादी करीब 18 माह पहले मनीषा से हुई थी। भाई मनीष प्लंबर का काम करता है।