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स्वतंत्रता सेनानी की विवाहित पुत्री व पौत्री को भी मिलेगा वार्ड ऑफ फ्रीडम फाइटर का लाभ

Fri, 03 May 2019 09:40 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिए कि वह स्वतंत्रता सेनानी की विवाहित पौत्री को वार्ड ऑफ फ्रीडम फाइटर का प्रमाणपत्र जारी करे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने प्रार्थी मीनाक्षी को अंतरिम राहत के तौर पर प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले का लाभ देने के आदेश दिए, जिसमें स्वतंत्रता सेनानी की वैवाहिक पुत्री अथवा पौत्री को भी आरक्षण का पात्र बनाया गया है। 

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प्रार्थी के अनुसार हाईकोर्ट के आदेशानुसार वह भी वार्ड ऑफ  फ्रीडम फाइटर के लिए आरक्षित पदों के लिए पात्रता रखती है। इसी पात्रता के मद्देनजर उसने टीजीटी आर्ट्स के पद पर भर्ती के लिए आवेदन किया था। जब उसने एसडीएम नादौन को फ्रीडम फाइटर के वार्ड के रूप में जरूरी प्रमाण पत्र जारी करने का आग्रह किया तो उन्होंने प्रमाण पत्र देने से इंकार कर दिया।

 

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सरकार आरक्षण देते समय लैंगिक आधार पर भेदभाव नहीं कर सकती

प्रमाण पत्र जारी न करने का कारण बताते हुए सरकार की ओर से प्रार्थी को बताया गया था कि हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। मामले पर सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि सुप्रीम कोर्ट में कोई भी अपील लंबित नहीं है।

इधर, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि सरकार ऐसे आरक्षण देते समय लैंगिक आधार पर भेदभाव नहीं कर सकती। सरकार की नीति के अनुसार प्रावधान है कि फ्रीडम फाइटर के वैवाहिक पुरुष वार्ड नौकरियों के लिए 2 फीसदी आरक्षण के लिए पात्र हैं, जबकि यह पात्रता वैवाहिक महिला वार्ड के लिए नहीं है।

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इसे भेदभावपूर्ण ठहराते हुए विवाहित महिलाओं को भी उक्त आरक्षण के लिए पात्र माना है। प्रार्थी के अनुसार हाईकोर्ट की खंडपीठ के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का कोई स्थगन आदेश जारी नहीं हुआ है। मामले पर अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी।
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