हिमाचल की दर्जनों पंचायतों के लोगों ने चुनावी पचड़े में पड़ने की बजाय आपसी रजामंदी से निर्विरोध पंचायतों को चुन लिया है। सूबे की करीब 32 सौ पंचायतों में तीन चरणों में मतदान होने जा रहा है। पंचायतों के ग्रामीणों ने मतभेद और राजनीति को दरकिनार विकास को प्राथमिकता दी है। बड़ी बात यह है कि इन पंचायतों को अब विभाग की ओर से दस लाख रुपये की राशि मिलेगी।
जो पंचायत के विकास में काम आएगी। जनजातीय जिले किन्नौर की तीन पंचायतें निर्विरोध चुन ली गई हैं। रक्षम, रिस्पा और ठंगी पंचायत में रजामंदी के पास पंचायतों को निर्विरोध चुना गया। मंडी जिले की बूंग रैलचौक और कून पंचायत में सर्वसम्मति बन गई है। सिरमौर की शिलाई खंड की पनोग पंचायत में निर्विरोध चुना गया पूरा पैनल चुन गया है।
इन पंचायतों ने भी चुना विकास का रास्ता
इसके अलावा भवाई पंचायत, राजगढ़ खंड की तीन पंचायतों शिलांजी, दीदग और ठौड़ निवाड़ में प्रधानों पर सर्वसम्मति बनी है। सोलन जिले में संडोली पंचायत निर्विरोध चुनी गई है। बीडीसी सदस्यों में चार निर्विरोध चुने गए हैं। जिसमें संडोली, गोयला, दयोठी और शडियाना शामिल है।
चंबा में दो पंचायत प्रधान तथा 34 वार्ड सदस्यों का निर्विरोध निर्वाचन कर लिया गया है। बिलासपुर के स्वारघाट ब्लॉक में 36 वार्ड पंच निर्विरोध चुने गए हैं। झंडूता ब्लॉक में पूर्व विधायक डा. वीरू राम की पत्नी आशा कुमारी बनीं निर्विरोध प्रधान चुनी गई हैं। सदर में 16 वार्ड पंचों के निर्विरोध चुन गए। घुमारवीं में वार्ड पंचों के 59 सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं।
बाकी जिलों में भी कई पंचायतों में नहीं होगा मतदान
ऊना जिला से अभी तक प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक उपमंडल अंब से ग्राम पंचायत अंब के प्रधान का निर्विरोध चुनाव हुआ है। बंगाणा के मोमन्यार वार्ड से बीडीसी का एक जबकि हरोली के पंडोगा से एक, कांगड़ से दो पंच निर्विरोध चुने गए हैं।
हमीरपुर-जिला हमीरपुर के ब्लॉक भोरंज के धमरोल वार्ड में एक निर्विरोध बीडीसी सदस्य चुनी गई है।
प्रेरणा : नारकंडा की मैलन पंचायत चौथी बार निर्विरोध
विकास खंड नारकंडा की मैलन पंचायत लगातार चौथी बार निर्विरोध चुनी गई। इस पंचायत में 900 मतदाता हैं। लोगों की आपसी रजामंदी के पास पंचायत को चुना गया है।